पश्चिमी सिंहभूम, 26 जुलाई। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चर्चित चक्रधरपुर मानव तस्करी मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए तीन और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के साथ अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि मानव तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
रविवार को चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपितों में सांगाजाटा निवासी बुधराम गोप, गुड़ासाई निवासी दुर्योधन कुमार उर्फ बिरजू तथा बिन्दीरांगरुई निवासी तुराम कांडेयांग उर्फ अरुण शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों अपने-अपने इलाके के ग्रामीणों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर रोजगार और अधिक मजदूरी का झांसा देकर अपने संपर्क में लाते थे। इसके बाद उन्हें दूसरे राज्यों में काम दिलाने के नाम पर भेजा जाता था, जिससे आरोपियों को आर्थिक लाभ मिलता था।
यह मामला 17 मई 2026 की रात सामने आया था, जब पोड़ाहाट के एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हासमी को सूचना मिली थी कि चक्रधरपुर स्थित एक होटल में कई लोगों को अवैध रूप से रोककर रखा गया है। सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।
चक्रधरपुर थाना पुलिस ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, श्रम विभाग, कर्रा सोसाइटी फॉर रूरल एक्शन तथा चाइल्डलाइन के साथ संयुक्त छापेमारी कर होटल से 30 महिला-पुरुष मजदूरों और छह नाबालिग बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया था।
मुक्त कराए गए बच्चों में पांच लड़के और एक लड़की शामिल थे।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि सभी मजदूरों और बच्चों को बंधुआ मजदूरी के लिए गुजरात भेजने की तैयारी की जा रही थी।
पुलिस ने मौके से मजदूरों को ले जाने के लिए तैयार खड़ी बस भी जब्त कर ली थी।
इस प्रकरण में पुलिस इससे पहले गुजरात के मोरवी निवासी निकुंज गोविन्द बोरसानिया और राजकोट निवासी निलेश भाई शाह को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। दोनों के विरुद्ध चक्रधरपुर थाना में मानव तस्करी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इधर, बाल कल्याण समिति, चाईबासा के निर्देश पर मुक्त कराए गए छह नाबालिग बच्चों को काउंसलिंग और देखभाल के लिए चाइल्डलाइन के सुपुर्द किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं और जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है।
