bh

अलीपुरद्वार, 30 अक्टूबर । भूटान में ग्लेशियल झील फटने से अचानक आई बाढ़ ने बड़े इलाके में तबाही मचा दी है। गुरुवार शाम पहाड़ों से भारी मात्रा में पानी, कीचड़ और पत्थर नीचे की ओर बह रहे हैं। इसका असर उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार जिले की संकोश नदी पर भी दिखने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के कई इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन की ओर से माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए करीब 12 हजार स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हालांकि, अब तक अलीपुरद्वार के कुमारग्राम इलाके में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।

जानकारी के अनुसार, भूटान के गासा इलाके में ग्लेशियल का पानी जमा होने से एक झील बन गई थी। गुरुवार शाम अचानक झील का किनारा टूट गया, जिसके बाद पहाड़ी क्षेत्र में भारी मात्रा में पानी तेजी से नीचे की ओर बहने लगा। इस घटना में भूटान के कई इलाके प्रभावित हुए हैं। इसके बाद असम के साथ-साथ उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी और अलीपुरद्वार के कुछ क्षेत्रों में भी सतर्कता जारी की गई।

अलीपुरद्वार प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार सुबह से संकोश नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसमें करीब दो फीट की वृद्धि दर्ज की गई है। स्थिति बिगड़ने पर संकोश के अलावा सिलीगुड़ी और डुआर्स की अन्य नदियों का जलस्तर भी बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अलीपुरद्वार के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार शाह ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। एहतियात के तौर पर संकोश नदी के किनारे रहने वाले करीब 12 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। राहत शिविरों में पेयजल, सूखा भोजन और शौचालय की व्यवस्था की गई है। मौके पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीम मौजूद है। इसके अलावा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशासन के कर्मियों को भी संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, उत्तर बंगाल प्रशासन संकोश नदी के जलस्तर और बहाव पर लगातार नजर रख रहा है। भूटान के अधिकारियों के साथ भी संपर्क बनाए रखा गया है। वहीं, भूटान में हुए नुकसान का आकलन भी अभी पूरी तरह नहीं हो पाया है।