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पश्चिमी सिंहभूम, 13 जून। पश्चिमी सिंहभूम जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) द्वारा संचालित 90 दिवसीय विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के तहत शनिवार को न्याय रथ जगन्नाथपुर पहुंचा। इस अवसर पर राजकीय रसेल उच्च विद्यालय प्लस-टू में एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों, निःशुल्क विधिक सहायता, स्वास्थ्य जागरूकता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

यह अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन तथा डीएलएसए सचिव रवि चौधरी के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर विद्यार्थियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के बीच कानूनी साक्षरता को बढ़ावा देना तथा उन्हें न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डीएलएसए के मुख्य एलएडीसी अधिवक्ता सुरेंद्र प्रसाद ने विद्यार्थियों को निःशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय, वंचित और जरूरतमंद व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को कानून की बुनियादी जानकारी रखने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की सलाह दी।

सुरेंद्र प्रसाद ने कहा कि कानून की जानकारी केवल विवादों के समाधान के लिए ही नहीं, बल्कि एक जागरूक नागरिक बनने के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवस्था, कानूनी प्रक्रियाओं तथा संवैधानिक अधिकारों की सामान्य जानकारी देते हुए कहा कि सही जानकारी व्यक्ति को अपने अधिकारों की रक्षा करने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने में सक्षम बनाती है।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की प्रतिनिधि लक्ष्मी मुंडा ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण अनेक गंभीर एवं संक्रामक बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और अपने परिवार तथा समुदाय में भी स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुषमा जोंको ने लीगल लिटरेसी क्लब की भूमिका और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि कानूनी शिक्षा केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को जिम्मेदार, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा देती है।

कार्यक्रम के दौरान पारा लीगल वॉलंटियर (पीएलवी) उमर सादिक ने थाना स्तर पर कार्यरत पीएलवी की भूमिका और जिम्मेदारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पारा लीगल वॉलंटियर समाज और न्याय व्यवस्था के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। वे जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता, सरकारी योजनाओं और विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों से जोड़ने में सहयोग करते हैं।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने कानूनी अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, निःशुल्क विधिक सहायता तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित कई प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने उनके प्रश्नों का उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों में विषय के प्रति विशेष रुचि और जागरूकता पैदा की।

आयोजकों ने बताया कि 90 दिवसीय विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न विद्यालयों, पंचायतों, गांवों और दूरदराज क्षेत्रों में लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक कानूनी जानकारी पहुंचाना और लोगों को उनके अधिकारों तथा उपलब्ध सरकारी सेवाओं के प्रति जागरूक बनाना है।

कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को जागरूक, जिम्मेदार और कानून का सम्मान करने वाला नागरिक बनने के संदेश के साथ हुआ। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि शिक्षित और कानूनी रूप से जागरूक समाज ही न्यायपूर्ण और सशक्त राष्ट्र की नींव होता है।