कोलकाता, 25 जून। तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी सुमित राय से जुड़े मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को रिपोर्ट और केस डायरी अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान दिया। साथ ही सुमित राय को अपने पक्ष के समर्थन में अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
मामला पश्चिम मेदिनीपुर जिले के शालबनी में सरकारी जमीन की कथित अवैध बिक्री और भ्रष्टाचार से जुड़ा है। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी के सहयोगी सुमित राय के खिलाफ इस प्रकरण में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है, लेकिन उसके बाद से वह फरार हैं। उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है।
आरोप के अनुसार, शालबनी में एक जल कारखाना स्थापित करने के लिए 10 लाख रुपये की मांग की गई थी। बाद में शिकायतकर्ता को पता चला कि 50 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच दी गई। आरोप है कि इस जमीन की बिक्री से प्राप्त धनराशि सुमित राय के पास पहुंची।
अदालत में सुमित राय की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह केवल तृणमूल कांग्रेस नेता के कार्यालय में कर्मचारी हैं। जब जमीन बिक्री से जुड़े दस्तावेज कार्यालय में मिले हैं, तो केवल उन्हें ही जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि जांच के दौरान पुलिस को फर्जी सील और स्टांप मिले हैं। ग्राम पंचायत प्रधान और स्थानीय लोगों ने बयान दिया है कि सुजय हाजरा नामक व्यक्ति ने संदिग्ध लोगों को जमीन बेची थी और इस सौदे की रकम सुमित राय तक पहुंची, जिसे बाद में कैमैक स्ट्रीट स्थित कार्यालय भेजा गया।
उल्लेखनीय है कि गत 13 जून को पुलिस ने सुमित राय की तलाश में अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया था।
