mamta

कोलकाता, 26 अक्टूबर । पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भाजपा पर पैसे और धमकी के बल पर लोगों को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ज्यादती काफी बढ़ गई है। आयोग ने उनसे सभी दस्तावेज जमा करने को कहा है, जबकि जिलाधिकारी, प्रखंड विकास अधिकारियों (बीडिओ), थाना प्रभारियों और पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से लोगों को धमकाया जा रहा है।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को कानूनी दस्तावेज, स्टांप पेपर और नोटरी से प्रमाणित शपथपत्र उपलब्ध करा रही है, जबकि उनकी पार्टी के लिए सब कुछ रोक दिया गया है। यहां तक कि व्यक्तिगत रूप से उनसे मिलने आने वाले लोगों को भी उनके कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या देश में अब हम स्वतंत्र हैं? क्या लोगों को अब इस देश में आजादी नहीं है? हमारे महान नेताओं ने स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया और अपने प्राणों का बलिदान दिया। आज हमें भाजपा की ओर से पैसे देकर लोगों को अपने पक्ष में करने और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं, विधायकों तथा सांसदों को पार्टी में शामिल होने पर जेल भेजने की धमकी देने जैसी घटनाएं देखनी पड़ रही हैं।

ममता बनर्जी ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उसमें साहस है, तो राजनीतिक रूप से मुकाबला करे। उन्हें राजनीतिक लड़ाई से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पैसे और धमकी के जरिए लोगों को प्रभावित करना उचित नहीं है।