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कोलकाता , 26 अगस्त ।

पश्चिम बंगाल में पर्यटन उद्योग को नए सिरे से विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। दार्जिलिंग में पर्यटकों की सुविधा के लिए रोपवे सेवा को बेहतर बनाने के साथ ही सुंदरबन में लग्जरी क्रूज या रिवर टूरिज्म शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा दीघा, मंदारमणि, पुरुलिया, झाड़ग्राम और नवद्वीप समेत राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों के विकास पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

मंगलवार को नवान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में पर्यटन उद्योग को और आकर्षक बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इस दौरान यह भी तय किया गया कि पर्यटन विभाग का नया लोगो तैयार किया जाएगा, जिसका अनावरण मुख्यमंत्री करेंगे।

बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष, मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार सुब्रत गुप्ता, वित्त सचिव समेत प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

नवान्न सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग की सभी संपत्तियों के आधुनिकीकरण और विभिन्न संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। पहाड़ी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दार्जिलिंग में रोपवे सेवा को बेहतर बनाने की योजना है, ताकि पर्यटक यातायात की समस्या से बचते हुए पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकें।

वहीं, सुंदरबन के नदी मार्गों पर लग्जरी क्रूज या रिवर टूरिज्म शुरू करने की योजना है। इससे सुंदरबन की यात्रा को पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाने की कोशिश की जाएगी।

दीघा और मंदारमणि जैसे लोकप्रिय समुद्र तटीय पर्यटन केंद्रों पर पर्यटकों के मनोरंजन के लिए स्पीडबोट उतारने का भी फैसला लिया गया है। हालांकि, पर्यटन विकास के साथ पर्यटकों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

इसी के तहत सुंदरबन तथा दीघा-मंदारमणि क्षेत्र में आपातकालीन सेवाओं के लिए वाटर एंबुलेंस और रेस्क्यू बोट को हर समय तैयार रखने की व्यवस्था की जाएगी।

पर्यटन विभाग की इस नई योजना के जरिए पहाड़, समुद्र, जंगल और धार्मिक पर्यटन—हर क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर पश्चिम बंगाल को देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में और मजबूत करने की तैयारी है।