blo

कोलकाता, 18 नवंबर । पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं कि राज्य के सभी सुधार गृहों में बंद वे कैदी, जिनके नाम 27 अक्टूबर तक की मतदाता सूची में दर्ज हैं, अपने-अपने एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर बूथ स्तर अधिकारियों को सौंप सकें।

राज्य सुधार सेवा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राज्य के सभी सुधार गृहों को पहले ही निर्देश दे दिए गए हैं कि वे बंदियों को फॉर्म भरने में हर संभव सहायता प्रदान करें। विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है। अधिकारी ने बताया कि “सभी सुधार गृहों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पात्र बंदियों को एसआईआर में भाग लेने के अधिकार से वंचित न किया जाए। संभव है कि मतदाता सूची में नाम बरकरार रहने के बाद भी मतदान के दिन कई बंदी वोट न डाल सकें, क्योंकि वे जेल में रहेंगे लेकिन मतदाता सूची में उनका नाम बने रहने का अधिकार है और विभाग इसे सुनिश्चित करना चाहता है।”

फिलहाल, राज्य में 62 सुधार गृह संचालित हैं। शुरुआत से ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय का जोर इस बात पर रहा है कि योग्य बंदी एसआईआर में भाग ले सकें। इसी उद्देश्य से सीईओ कार्यालय और राज्य सुधार सेवा विभाग के बीच लगातार संवाद जारी है।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई है और मार्च अगले वर्ष तक इसके पूरा होने की संभावना है। राज्य में आखिरी बार यह प्रक्रिया वर्ष 2002 में संचालित हुई थी।———–