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मालदा, 29 सितंबर । दुर्गापूजा में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में मालदा के मृत्तिकाशिल्पियों में दुर्गा प्रतिमा तैयार करने की व्यस्तता चरम पर है। मालदा जिले के हबीबपुर प्रखंड के बकसीनगर लालचांदपुर स्थित ‘निर्मला शिल्पालय’ में मूर्तिकार चारु पाल अपने परिवार के सदस्यों के साथ इस वर्ष 21 दुर्गा प्रतिमाएं तैयार करने में दिन-रात जुटे हुए हैं। उनकी बनाई प्रतिमाओं में जहां पारंपरिक शैली की झलक देखने को मिल रही है, वहीं पौराणिक भावधारा और विभिन्न देवी रूपों की विविधता भी नजर आ रही है। हबीबपुर के अलावा मालदा जिले के विभिन्न इलाकों में उनकी बनाई प्रतिमाएं पूजा मंडपों में पहुंचेंगी।

चारु पाल ने बताया कि उन्हें इस वर्ष 21 दुर्गा प्रतिमाओं का ऑर्डर मिला है। निर्धारित समय के भीतर सभी प्रतिमाओं का निर्माण पूरा करने के लिए वह अपनी पत्नी, बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ लगातार मेहनत कर रहे हैं। बचपन में उन्होंने वेलु चरण पाल से दुर्गा प्रतिमा बनाने की कला सीखी थी। इसके बाद मालदा के मूर्तिकार राजकुमार पंडित से करीब 10 वर्षों तक प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने अपने शिल्पालय में प्रतिमा निर्माण का काम शुरू किया।

वर्तमान में चारु पाल और उनके परिवार के सदस्य प्रतिमाओं के लिए पुआल का ढांचा तैयार करने से लेकर मिट्टी लगाने, रंग करने और सजावट के काम में जुटे हैं। मूर्तिकार के कुशल हाथों से धीरे-धीरे मां दुर्गा की प्रतिमाएं पूर्ण रूप ले रही हैं। पूजा शुरू होने से पहले सभी प्रतिमाओं को विभिन्न पूजा मंडपों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसी वजह से चारु पाल और उनका पूरा परिवार दिन-रात एक कर प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।