– सोनारी में आयोजित विशेष सत्र में लगभग 40 पूर्व सैनिकों ने लिया भाग
पूर्वी सिंहभूम, 28 अक्टूबर । ब्रह्माकुमारी संस्था की परामर्शदाता बीके ज्योति पांडे ने कहा कि मनुष्य की आंतरिक शक्ति उसके विचारों और भावनाओं में निहित होती है। सकारात्मक सोच और राजयोग ध्यान के नियमित अभ्यास से व्यक्ति आत्मबल बढ़ाने के साथ विपरीत परिस्थितियों में भी मानसिक संतुलन बनाए रख सकता है। वह बुधवार को सोनारी स्थित पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) क्लिनिक में आयोजित विशेष सत्र को संबोधित कर रही थीं।
‘आत्म-स्वामित्व के लिए राजयोग’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 40 पूर्व सैनिकों ने भाग लिया। इस दौरान बीके ज्योति पांडे ने राजयोग ध्यान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपने विचारों और भावनाओं को सकारात्मक दिशा देने से व्यक्ति में आत्मविश्वास, धैर्य और मानसिक स्थिरता विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि राजयोग के नियमित अभ्यास से मन को शांत रखने, तनावपूर्ण परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने और जीवन की चुनौतियों का सकारात्मक दृष्टिकोण से सामना करने में मदद मिल सकती है। मन पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए सबसे पहले अपने विचारों को समझना और उन्हें सही दिशा देना आवश्यक है।
कार्यक्रम में अरुण भाईजी भी उपस्थित रहे। इसके आयोजन में सोनारी स्थित ईसीएचएस क्लिनिक के प्रभारी ओम प्रकाश सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
