उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये बजट आकार वाला भजनलाल शर्मा सरकार का तीसरा पूर्ण बजट प्रस्तुत किया-युवाओं, महिलाओं, किसानों, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण और डिजिटल परिवर्तन पर केंद्रित रहा राज्य बजट
जयपुर, 11 फ़रवरी । उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये बजट आकार वाला भजनलाल शर्मा सरकार का तीसरा पूर्ण बजट युवाओं, महिलाओं, किसानों, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण और डिजिटल परिवर्तन पर केंद्रित रहा। सरकार का लक्ष्य राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना, रोजगार बढ़ाना और आम जनता की जीवन स्तर सुधारना है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली सरकार के अंतिम वर्ष की तुलना में प्रदेश के अर्थव्यवस्था का आकार 41.39 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 26-27 में 21 लाख 52 हजार 100 करोड रुपए अनुमानित होने की संभावना है। करीब 2 घंटे 55 मिनिट तक चले बजट भाषण में किसान, महिला, युवा, कर्मचारी, स्कूली स्टूडेंट्स के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं।
वित्त मंत्री दीया कुमारी ने घोषणा की कि कर्मचारियों के 8वें वेतन आयोग के लिए हाईपावर कमेटी बनाई जाएगी। उन्होंने परीक्षाओं के लिए नई राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी का भी बजट में ऐलान किया। उन्होंने बताया कि सरकार स्कूली बच्चों को खेल किट और जादुई पिटारा भी देगी। उन्होंने बताया कि जिन मरीजों के पास डॉक्यूमेंट्स नहीं है, उन्हें भी अब राजस्थान में फ्री इलाज मिलेगा। बजट में मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना में अब कर्ज की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख किया गया। जलदाय विभाग में 3 हजार संविदा कर्मियों की नियुक्ति की घोषणा की गई है। साथ ही नई जल नीति लाने का भी ऐलान किया गया। करीब 6500 गांवों को हर घर नल हर घर जल योजना से जोड़ा जाएगा।
बजट में कई क्षेत्रों के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश घोषणाएं तत्काल राहत और लंबे समय के विकास पर फोकस करती हैं। बजट को विभिन्न स्तंभों में विभाजित किया गया है, जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, औद्योगिक निवेश, मानव सशक्तीकरण, सामाजिक सुरक्षा, पर्यटन एवं सांस्कृतिक धरोहर, सुशासन एवं डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, कृषि विकास तथा हरित विकास। इन सभी क्षेत्रों में ठोस कदम उठाए गए हैं, ताकि राजस्थान 2047 तक विकसित राज्य बन सके।
वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बताया कि प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए प्रदेश को आर्थिक समृद्धि, सतत व समावेशी विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास रहते हैं। विकसित राजस्थान@ 2047 की संकल्पना को साकार करने के लिए इस विकास यात्रा में गरीब, युवा, अन्नदाता एवं नारी शक्ति (ज्ञान) की अहम भूमिका को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हमारी सरकार ने सेवा, समर्पण तथा सुशासन को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया की कुशल वित्तीय प्रबंधन और स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स के कारण पिछली सरकार के अंतिम वर्ष की तुलना में प्रदेश के अर्थव्यवस्था का आकार 41.39 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 26-27 में 21 लाख 52 हजार 100 करोड रुपये अनुमानित होगा। वहीं प्रति व्यक्ति आय भी 1 लाख 67 हजार से बढ़कर वर्ष 25-26 के समाप्ति पर 2 लाख दो हजार 349 रुपये तक पहुंच जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस कार्यकाल की शुरुआत में ही विकसित राजस्थान की कार्य योजना के लिए दस संकल्प निर्धारित किए थे। हमने प्रदेश के चहुंमुखी दीर्घकालिक विकास के लिए विजन डॉक्यूमेंट विकसित राजस्थान @ 2047 के अंतर्गत इन संकल्पों को विकास स्तंभों के रूप में स्थापित किया गया है। यह बजट भी इन्हीं विकास स्तंभों को आधार बनाकर विकसित राजस्थान@2047 के विजन को साकार करने के उद्देश्य तैयार किया गया है। यह बजट प्रदेश को संकल्प से सिद्धि, नियत से नीति और आकांक्षा से उपलब्धि की ओर अग्रसर करने वाला बजट है।
उन्होंने अपने वर्ष 2026-27 के बजट में अव संरचना का विस्तार, नागरिक सुविधाओं में गुणवत्ता जीवन स्तर में वृद्धि, औद्योगिक विकास एवं निवेश को प्रोत्साहन, मानव संसाधन का सशक्तीकरण, सुदृढ़ सामाजिक सुरक्षा प्रणाली, पर्यटन, कला एवं सांस्कृतिक धरोहर, सुशासन एवं डिजिटल परिवर्तन, कृषि विकास एवं किसानों का कल्याण, हरित विकास एवं पर्यावरणीय सततता, व वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की मजबूत अर्थव्यवस्था जैसे 10 स्तंभों को आधार बनाया है।
उन्होंने अपने बजट भाषण राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों की मांग को पूरा करते हुए बताया कि आठवें वेतन आयोग के लिए हाई पावर कमेटी गठित की जाएगी और सरकारी कर्मचारियों के वेतन संशोधन की दिशा में कदम उठाया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि प्रतियोगी परीक्षा में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की जाएगी। यह राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की तर्ज पर काम करेगी। वहीं प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए निशुल्क इलाज की व्यवस्था होगी। आयुष्मान योजना और मुख्यमंत्री निरोगी योजना के तहत विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जल आपूर्ति के लिए 6800 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है, इसमें ग्रामीण और शारीरिक क्षेत्र में टैप वाटर कनेक्शन बढ़ाए जाएंगे तथा 3 लाख नए कनेक्शन और 6245 गांव को शामिल किया जाएगा। बीकानेर और जैसलमेर में नए सोलर पार्क के लिए 3000 करोड रुपए का निवेश होगा। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के लिए 11300 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। किसानों को मजबूत बनाने पर विशेष फोकस किया गया है। इसके अलावा 25000 करोड रुपए के ब्याज मुक्त अल्पकालीन ऋण का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सरकार 800 करोड रुपए का ब्याज वहन करेगी। 50 हजार नए सोलर पंप लगाए जाएंगे। इससे किसानों को सस्ती और पर्यावरण अनुकूल सिंचाई मिलेगी। तीन लाख किसानों को ड्रिप स्प्रिंकलर सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए करीब 1340 करोड रुपये का प्रावधान है। मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना में ऋण की सीमा एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। 30 हजार युवाओं को 10 लाख रुपए तक के रन पर 100 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इससे स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। इसे ध्यान में रखते हुए हमारे द्वारा ‘युवा नीति’, ‘कौशल नीति’ तथा ‘रोजगार नीति’ लागू की गयी हैं। हमने 4 लाख भर्तियों के संकल्प को पूरा करने की दिशा में जहां सरकारी क्षेत्रा में एक लाख से अधिक नियुक्तियां दी हैं, वहीं निजी क्षेत्र में 2 लाख से अधिक रोजगार के अवसर भी सृजित किये हैं। वर्तमान में एक लाख 43 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं तथा एक लाख पदों पर भर्ती किये जाने के लिए परीक्षा कैलेण्डर भी जारी कर दिया गया है।
उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश में राज ममता योजना की शुरू की जाएगी। मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस रहेगा और एसएमएस मेडिकल कॉलेज में मेंटल हेल्थ सेंटर आफ एक्सीलेंस बनेगा। मोक्ष वाहिनी योजना लागू होगी। दुर्घटना या अस्पताल में मृतकों के शव को निशुल्क घर तक पहुंचाया जाएगा। अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए विश्राम के विश्राम घर बनाए जाएंगे। इसके लिए 500 करोड रुपए का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि ऋण पर स्टांप ड्यूटी एक प्रतिशत घटकर 0.5% कर दी गई है। अधिकतम सीमा एक लाख रुपये होगी। अन्य राज्यों से लाएं गए गैर वाणिज्यिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन में 50% छूट दी जायेगी। थार सर्किट का विकास होगा। जैसलमेर में अल्ट्रा लग्जरी टूरिज्म हब बनेगा। इसके लिए 5000 करोड़ से अधिक निवेश होगा। शेखावाटी हवेलियों का संरक्षण किया जाएगा। इसके लिए 200 करोड रुपए का प्रावधान है। नमो वन विकास और अरावली संरक्षण के लिए 130 करोड रुपए रखे गए हैं। हरित ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा और 200 ईव चार्जिंग स्टेशन और 60 सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि 150 महाविद्यालयों में ‘रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रों’ की स्थापना होगी जिससे लगभग 25 हजार छात्रायें लाभान्वित होंगी। कक्षा 8वीं, 10वीं एवं 12वीं में अध्ययन करने वाले चयनित मेधावी विद्यार्थियों को स्वयं के स्तर पर टेबलेट या लेपटाप क्रय किये जाने के लिए ई वाउचर के माध्यम से 20 हजार रुपये तक की सहायता मिलेगी। वहीं 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली जरूरतमंद छात्राओं को साइकिल हेतु ई वाउचर दिए जाएंगे। कक्षा 1 से 8 के 40 लाख से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनिफार्म उपलब्ध कराने के लिए डीबीटी योजना का लाभ मिलेगर जिस पर लगभग 250 करोड़ रुपये का व्यय होंगे। प्रदेश के शौचालय सुविधा से वंचित रहे समस्त विद्यालयों में टॉयलेट बनेंगे। वहीं 2 हजार 500 से अधिक विद्यालयों की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार हेतु 550 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इसके अलावा ‘हरियाळो-राजस्थान’ के अन्तर्गत आगामी वर्ष 10 करोड़ पौधारोपण किए जाएंगे वहीं राज्य के समस्त जिला मुख्यालयों पर आगामी वर्ष उन्नत ‘नमो नर्सरी’ व प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर चरणबद्ध रूप से ‘नमो वन’ बनाए जाएंगे।
बाद में मुख्यमंत्री भजनलाल यादव ने बजट को लेकर कहा कि यह बजट युवाओं और महिलाओं के लिए है। सीएम ने कहा जो भी घोषणाएं हुई है, बजट की एक-एक वादे को पूरा किया जाएगा। वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे ‘संवेदनहीन’ बताते हुए युवाओं और कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
