भोपाल/गयाजी, 10 अक्टूबर । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे राजनीतिक मुद्दों पर रचनात्मक भूमिका निभाने के बजाय अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता किसी दल को पांच साल के लिए जनादेश देती है, तो विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह अपनी भूमिका निभाए, संगठन मजबूत करे और यह आत्ममंथन करे कि जनता उससे दूर क्यों हो रही है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को बिहार प्रवास के दौरान गयाजी में मीडिया से बातचीत में यह बात कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस को निर्वाचन आयोग के विरोध के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पार्टी को निर्वाचन प्रक्रिया पर आपत्ति है, तो उसे अपने राजनीतिक रुख और निर्णयों पर भी विचार करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपनी स्थिति का विश्लेषण करना चाहिए। उन्होंने तमिलनाडु में राजनीतिक दलों के बीच बदलते समीकरणों का भी जिक्र किया और कहा कि जनता इन घटनाक्रमों को देख रही है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से लोकतंत्र में अपनी जिम्मेदारी सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से निभाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में स्थिर सरकार और मजबूत नेतृत्व का अनुभव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार तीसरी बार देश का नेतृत्व कर रहे हैं। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के जनादेश का महत्वपूर्ण उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत आर्थिक शक्ति के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में विपक्ष को भी देश की उपलब्धियों और विकास से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा करनी चाहिए।
बिहार और मध्यप्रदेश के संबंध ऐतिहासिक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार और मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों क्षेत्रों के बीच संबंध प्राचीन काल से रहे हैं। उन्होंने सम्राट अशोक के समय मगध और अवंती के ऐतिहासिक जुड़ाव का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन और बिहार की सांस्कृतिक विरासत दोनों राज्यों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि बिहार और मध्यप्रदेश मिलकर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से विकास और सांस्कृतिक गतिविधियों को गति मिल सकती है।
गयाजी प्रवास के दौरान धार्मिक आस्था का उल्लेख करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि मंदिर और मठ श्रद्धालुओं के लिए हैं। उन्होंने फल्गु नदी के तट पर पितरों के तर्पण और धार्मिक परंपराओं के महत्व की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों के विकास के जरिए राज्यों के बीच संबंधों को मजबूत किया जा सकता है।——
