
हुगली, 04 फ़रवरी । पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। चांपदानी के गैरहाटी स्थित ईएसआई अस्पताल से सामने आई एक घटना ने सरकारी अस्पतालों की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया है। बुधवार को अस्पताल परिसर में मरीज के बिस्तर के पर एक कुत्ते को सोते हुए देखा गया, जबकि मौके पर न तो कोई अटेंडेंट मौजूद था, न नर्स और न ही कोई डॉक्टर।
इस दृश्य को देखकर अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में रोष फैल गया। लोगों का आरोप है कि अस्पताल में बुनियादी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
घटना को लेकर प्रदेश भाजपा नेता किशन साव ने अस्पताल प्रबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती है। किशन साव ने अस्पताल की इस बदहाल स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब अस्पताल में मरीजों की देखभाल के लिए न डॉक्टर मौजूद हैं, न नर्स और न ही अटेंडेंट, तो आम लोग इलाज के लिए कहां जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि लापरवाही और अव्यवस्था के कारण सरकारी अस्पतालों की विश्वसनीयता लगातार गिरती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। गोरहाटी ईएसआई अस्पताल में स्टाफ की कमी, साफ-सफाई की बदहाल स्थिति और मरीजों की अनदेखी की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।






