कोलकाता, 02 नवंबर। पश्चिम बंगाल की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने सरकारी धन के गबन और धांधली के आरोप में सोमवार को पुरुलिया जिले की रघुनाथपुर नगर पालिका के एक निलंबित उप-सहायक इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 14 सितंबर 2026 को दर्ज एसीबी पुलिस स्टेशन केस नंबर 23/26 के सिलसिले में की गई है।
एसीबी द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 13(2) और 13(1)(ए), भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 416 और 120बी (आपराधिक साजिश), तथा नई लागू की गई भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 319/61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह पूरा मामला भ्रष्टाचार, सरकारी धन के दुरुपयोग, नगर पालिका के टेंडर और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं तथा सरकारी भूमि से जुड़ी संदिग्ध धांधली से संबंधित है।
जांच एजेंसी ने बताया कि तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेजी सबूत जुटाए गए हैं। इनमें टेंडर प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड, अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) द्वारा सौंपी गई विस्तृत जांच रिपोर्ट और आरोपित व उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद जमीन तथा संपत्ति के कागजात शामिल हैं। फिलहाल इन सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच कर रहे अधिकारी (आईओ) के समक्ष पेश होने के लिए आरोपित को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 35(3) के तहत दो बार कानूनी नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, दोनों ही मौकों पर आरोपित पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुआ। जांच में सहयोग न करने पर अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एसीबी ने बताया कि मामले में कानून के अनुसार आगे की जांच और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं जारी हैं।
