कोलकाता, 13 अगस्त । नैहाटी के पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक सनत दे को गुरुवार सुबह पुलिस जांच के सिलसिले में उनके इलाके में लेकर पहुंची, जहां लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सनत दे को देखते ही लोगों ने उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। स्थिति तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने तत्काल उन्हें इलाके से हटा दिया।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने 8 अगस्त को दत्तपुकुर से सनत दे को गिरफ्तार किया था। अदालत के आदेश पर वह फिलहाल छह दिनों की पुलिस हिरासत में हैं। इसी हिरासत के दौरान गुरुवार सुबह पुलिस उन्हें नैहाटी के छह नंबर विजय नगर इलाके में लेकर पहुंची। बताया जा रहा है कि मामले की जांच के तहत घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराने के लिए उन्हें वहां ले जाया गया था।
सनत दे के इलाके में पहुंचने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां जुटने लगे। उन्हें देखते ही लोगों के एक वर्ग ने अपना आक्रोश जाहिर किया और पुलिस के वाहन की ओर भी बढ़ने लगा। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मी तत्काल सक्रिय हो गए और सुरक्षा के बीच सनत दे को वहां से दूसरी जगह ले जाया गया।
सनत दे के खिलाफ रंगदारी वसूली, धमकी देने समेत कई आरोप हैं। राजनीतिक हलकों में उन्हें नैहाटी के सांसद पार्थ भौमिक का करीबी माना जाता है। पार्थ भौमिक को लेकर सवाल पूछे जाने पर सनत दे ने कहा, “वह नाटककार हैं, उनका जीवन ही नाटक से भरा है।”
वहीं, भाजपा नेताओं का आरोप है कि सनत दे के खिलाफ इलाके में लंबे समय से रंगदारी वसूली और धमकी देने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। नेताओं का दावा है कि इन्हीं आरोपों को लेकर लोगों में उनके प्रति काफी नाराजगी है और उसके बाद ही यह आक्रोश खुलकर सामने आया।
सनत दे के खिलाफ गुरुवार को हुए विरोध पर राज्य के मंत्री अर्जुन सिंह ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सनत दे ने लोगों पर अत्याचार किए हैं और महिलाओं के खिलाफ भी अत्याचार के मामले सामने आए हैं। अर्जुन सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं के घरों पर बमबारी जैसी घटनाओं में भी सनत दे की भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि सनत दे के साथ जो हुआ, वह उनके अत्याचारों की तुलना में कम है।
