
कोलकाता, 25 अप्रैल । पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा जारी की गई योग्य उम्मीदवारों की सूची की मांग लेकर बीते पांच दिनों से एसएससी भवन के बाहर डटे रहे प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने आखिरकार शुक्रवार को अपना घेराव आंदोलन वापस ले लिया। अब यह शिक्षक दो दिन तक कोलकाता के शहीद मीनार के पास प्रतीकात्मक धरना देंगे।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान दस्तावेज़ सत्यापन समेत बाकी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हुईं, तो वे ‘विकास भवन अभियान’ की शुरुआत करेंगे। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, स्थिति सामान्य रहने पर प्रदर्शनकारी शिक्षक आगामी सोमवार से स्कूलों में अपनी ड्यूटी पर लौट सकते हैं।
आंदोलन की अगुवाई कर रहे मेहबूब मंडल ने आंदोलन समाप्त करने की पुष्टि की। वहीं, शिक्षक चिन्मय मंडल ने कहा कि अब हम एक-दूसरे को ही प्रतिद्वंदी मानने लगे हैं। यह लड़ाई सड़क पर नहीं, सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जाएगी। एसएससी दफ्तर में झगड़ने से कोई लाभ नहीं होगा। इससे हमारा असली मकसद पीछे छूट जाएगा।
गौरतलब है कि बीते सोमवार को एसएससी दफ्तर के बाहर शिक्षकों ने अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत की थी। उसी दिन आयोग के अध्यक्ष सिद्धार्थ मजूमदार सहित कुल 16 अधिकारी भवन में फंस गए थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि योग्य और अयोग्य अभ्यर्थियों की सूची सार्वजनिक की जाए।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अभाव में एसएससी ने सूची प्रकाशित करने से इनकार कर दिया था। केवल योग्य अभ्यर्थियों की सूची संबंधित ज़िलों के डीआई कार्यालयों को भेजी गई थी, लेकिन उसमें भी कई योग्य अभ्यर्थियों के नाम नहीं थे। इसी बात से नाराज़ शिक्षक धरने पर डटे रहे।


















