कोलकाता, 15 सितंबर।
कोलकाता स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के सर्कल मुख्यालय के बाहर सोमवार को नागरिक मंच ‘बैंक बचाओ देश बचाओ मंच’ ने विरोध प्रदर्शन किया। मंच ने बैंक के ग्लोबल मार्केट यूनिट (जीएमयू) को कोलकाता से स्थानांतरित करने के निर्णय का विरोध जताया।
मंच का आरोप है कि यह कदम पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था को कमजोर करेगा और देश की बैंकिंग संरचना में कोलकाता की ऐतिहासिक भूमिका को खत्म करने की कोशिश है।
संस्था का कहना है कि इस स्थानांतरण से पश्चिम बंगाल को हर साल 65 करोड़ रुपये से अधिक के जीएसटी राजस्व का नुकसान होगा, साथ ही 70 से ज्यादा संविदा कर्मचारियों की आजीविका पर भी संकट आ जाएगा।
संस्था के संयुक्त संयोजक बिश्वरंजन राय और सौम्या दत्ता ने साझा बयान में कहा, “यह कोई साधारण प्रशासनिक फेरबदल नहीं है, बल्कि कोलकाता को उसकी बैंकिंग संरचना में उचित स्थान से वंचित करने की सुनियोजित कोशिश है।”
फोरम ने यह भी कहा कि कोलकाता एसबीआई के विदेशी कारोबार का केंद्र रहा है। इस विरासत को कमजोर करना, इतिहास और क्षेत्रीय संतुलन, दोनों पर आघात है।
पूर्व जीएमयू कर्मचारी और मंच के प्रवक्ता अशोक मुखर्जी ने कहा,
“अगर एसबीआई का जीएमयू यहां से हटाया गया तो पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान होगा।”
प्रदर्शन के दौरान मंच ने एसबीआई चेयरमैन के नाम एक ज्ञापन बैंक के जीएमयू यूनिट के महाप्रबंधक को सौंपा और निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांग अनसुनी रही तो लोकतांत्रिक और कानूनी मंचों पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में 200 से अधिक नागरिक, जिनमें डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, छात्र और वरिष्ठ नागरिक शामिल थे, सक्रिय रूप से भाग लिया।
