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कोलकाता, 12 अक्टूबर । पश्चिम बंगाल की सभी अदालत परिसरों में सिगरेट, पान और गुटखा के सेवन पर रोक लगाने के लिए मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे ने जिला जजों को पत्र लिखा है। बारुईपुर अदालत में अधिवक्ता सायन बंद्योपाध्याय पर हुए हमले के मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने यह जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने सभी अदालत परिसरों में प्रवेश के समय मेटल डिटेक्टर से जांच कराने का प्रस्ताव भी रखा है। इस संबंध में बार एसोसिएशनों से सहयोग मांगा गया है।

मुख्य न्यायाधीश का प्रस्ताव है कि बार काउंसिल और बार एसोसिएशन इस विषय पर बैठक कर आपसी सहमति से निर्णय लें। इसके बाद यदि निर्णय लिखित रूप में मुख्य न्यायाधीश को सूचित किया जाता है, तो सभी अदालतों के प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर से जांच कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

मुख्य न्यायाधीश का प्रस्ताव है कि बार काउंसिल और बार एसोसिएशन इस विषय पर बैठक कर आपसी सहमति से निर्णय लें। इसके बाद यदि निर्णय लिखित रूप में मुख्य न्यायाधीश को सूचित किया जाता है, तो सभी अदालतों के प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर से जांच कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित अधिवक्ताओं ने अदालत परिसर में स्मोकिंग जोन बनाने का प्रस्ताव भी दिया। यह मामला बारुईपुर अदालत में अधिवक्ता सायन बंद्योपाध्याय पर हुए हमले से संबंधित है। आरोप है कि इस घटना में पुलिस ने अब तक पीड़ित अधिवक्ता का बयान दर्ज नहीं किया है।

मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी। उस दिन राज्य सरकार को बारुईपुर अदालत की घटना की जांच में हुई प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।