ओंकार समाचार
जयपुर, 30 जून। कोलकाता के उद्यमी, प्रमुख समाज सेवी एवं पर्यावरणविद प्रह्लादरॉय गोयनका को राजस्थान सरकार की ओर से विशिष्ट भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया गया है।
राजस्थान सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में जनसहभागिता और सामाजिक योगदान देने वाले समाजसेवियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से शनिवार 29 जून को राजधानी जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। प्रह्लाद रॉय गोयनका को लगातार दूसरे वर्ष यह सम्मान दिया गया है। गोयनका को दिया गया यह सम्मान उनके प्रतिनिधि के तौर पर राजीव हर्ष ने ग्रहण किया।
समारोह में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि धन कमाना योग्यता हो सकती है लेकिन धन का समाज के लिए उपयोग महानता का प्रतीक है।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि मेवाड़ की शौर्य गाथा महाराणा प्रताप और भामाशाह के बिना अधूरी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भामाशाहों द्वारा प्रदान किए गए धन का पूरा सदुपयोग शिक्षा के विकास के लिए ही होगा।
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने महाराणा प्रताप व भामाशाह के त्याग का स्मरण करते हुए प्रदेश में शिक्षा की उन्नति के लिए आगे आने वाले भामाशाहों को धन्यवाद दिया।
समारोह में मिड डे मील आयुक्त विश्वमोहन शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक एवं समग्र शिक्षा राजस्थान आयुक्त डॉ.रश्मि शर्मा, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट एवं निदेशक राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल राजस्थान महेंद्र खींची, सम्मानित भामाशाह, विशिष्ट भामाशाह, प्रेरक, समस्त विभागीय उपायुक्त एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे। इस मौके पर ‘भामाशाह प्रशस्ति’ पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
