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कोलकाता, 25 अगस्त । कोलकाता और उत्तरी उपनगरों के बीच संपर्क को मजबूत करने वाली बरानगर-बैरकपुर मेट्रो परियोजना यानी पिंक लाइन के निर्माण में आ रही अहम अड़चन दूर हो गई है। बीटी रोड के किनारे मेट्रो निर्माण के लिए जरूरी जल आपूर्ति ढांचे को लेकर कोलकाता नगर निगम ने अपनी आपत्ति वापस लेते हुए रेल विकास निगम लिमिटेड को अनापत्ति प्रमाणपत्र देने का फैसला किया है।

नगर निगम आयुक्त एवं प्रशासक स्मिता पांडे के हस्ताक्षर वाला पत्र आरवीएनएल के महाप्रबंधक (परियोजनाएं) को भेजा गया है। इसके साथ ही बीटी रोड पर मेट्रो निर्माण और जल आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े काम को समन्वय के साथ आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

नगर निगम के दस्तावेजों के अनुसार, बीटी रोड के किनारे मौजूद 48 इंच व्यास की कास्ट आयरन जलापूर्ति मुख्य पाइपलाइन को बंद कर हटाया जाएगा। इसके स्थान पर 72 इंच व्यास की नई जल परिवहन पाइपलाइन बिछाई जाएगी। यह पाइपलाइन पलता स्थित एकीकृत गुरुत्वाकर्षण जल शोधन संयंत्र से टाला पंपिंग स्टेशन तक बिछाने की योजना है।

इस दौरान बरानगर-बैरकपुर मेट्रो गलियारे का निर्माण कार्य भी जारी रहेगा। नगर निगम ने अनापत्ति प्रमाणपत्र में साफ किया है कि काम के दौरान मौजूदा जल आपूर्ति ढांचे की सुरक्षा के लिए निर्धारित नियमों और सावधानियों का सख्ती से पालन करना होगा।

करीब 12 किलोमीटर लंबे इस मेट्रो गलियारे को उत्तर कोलकाता और उत्तर शहर के उपनगरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके चालू होने से बीटी रोड पर सड़क यातायात का दबाव कम होने और यात्रियों को तेज एवं सुगम सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।

नगर निगम के फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसे पिंक लाइन के निर्माण को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। सोमवार रात उन्होंने कहा कि नई जल परिवहन पाइपलाइन और मेट्रो ढांचे के निर्माण को समन्वय के साथ आगे बढ़ाने से एक ओर पेयजल आपूर्ति सुरक्षित रहेगी, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक परिवहन परियोजना में भी तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में नगर निगम, राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए जनहित की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा। उन्होंने जटिल अभियांत्रिकी समस्याओं के समाधान और नियोजित शहरी विकास के लिए प्रशासनिक समन्वय को जरूरी बताया।

अनापत्ति प्रमाणपत्र की प्रतियां राज्य के नगर विकास एवं नगरपालिका मामलों के विभाग, लोक निर्माण विभाग, उत्तर 24 परगना के जिलाधिकारी और बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय समेत संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई हैं। इससे जल आपूर्ति और मेट्रो निर्माण से जुड़े दोनों कार्यों को आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ाने की प्रशासनिक तैयारी शुरू हो गई है।

बीटी रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर एक साथ मेट्रो और जल आपूर्ति ढांचे का निर्माण अपने आप में चुनौतीपूर्ण है। नगर निगम की मंजूरी से दोनों परियोजनाओं के बीच संभावित टकराव को दूर करने और निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने का रास्ता अब साफ हो गया है।