पलामू, 26 जून । मेदिनीनगर सदर थाना क्षेत्र के पोखराहा में फोरलेन सड़क किनारे स्थापित पुलिस चेकपोस्ट को उखाड़ने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में पुलिस ने जेएलकेएम नेता आयशा सिंह, अनिकेत मेहता, अभिषेक पासवान समेत 34 लोगों को नामजद करते हुए 125 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) राजेश यादव और सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी ने शुक्रवार को मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी आरोपितों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को डालटनगंज-पांकी मुख्य मार्ग स्थित पोखराहा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाइवा की चपेट में आने से पांकी प्रखंड के करार गांव निवासी ग्रामीण चिकित्सक मजीद अंसारी की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि पिछले 15 दिनों के दौरान इसी स्थान पर लगातार सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग करीब छह घंटे तक बाधित रहा। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान सड़क किनारे स्थापित पुलिस चेकपोस्ट को भी नुकसान पहुंचाया गया और उसे उखाड़ दिया गया। साथ ही सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का भी प्रयास किया गया।
घटना की सूचना मिलने पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय पांडे और एसडीपीओ राजेश यादव मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से लंबी वार्ता कर उन्हें शांत कराया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ और यातायात बहाल कराया गया।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की मांग थी कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और पांकी रोड के क्रॉसिंग पर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की जाए। उनका कहना था कि इस स्थान पर लगातार हो रहे सड़क हादसों के कारण लोगों में भय का माहौल है और स्थायी समाधान के लिए प्रशासन को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।
पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था भंग करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
