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रांची, 01 अक्टूबर । ईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर झारखंड उच्च न्यायालय में बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से और समय मांगा गया। अदालत ने समय देते हुए 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

ईडी के तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा समेत अन्य की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर हेमंत सोरेन की ओर से दर्ज करायी गयी प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गयी है। याचिका में अधिकारियों ने प्राथमिकी की कार्रवाई को चुनौती दी है।

इससे पहले भी उच्च न्यायालय इस मामले में हेमंत सोरेन को जवाब दाखिल करने का निर्देश दे चुका है। अप्रैल 2026 की सुनवाई में भी जवाब के लिए समय मांगने पर अदालत ने जुर्माना लगाया था।

हेमंत सोरेन की ओर से ईडी अधिकारियों पर पूछताछ और कार्रवाई के दौरान उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी। इसके खिलाफ ईडी अधिकारियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। अधिकारियों की ओर से प्राथमिकी निरस्त करने के साथ ही मामले की जांच को लेकर भी अदालत से राहत मांगी गयी है।

इससे पहले उच्च न्यायालय ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ पुलिस की ओर से जारी नोटिस पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा था।