पश्चिमी सिंहभूम, 25 सितंबर। खुंटपानी प्रखंड के पुरुनिया गांव में शुक्रवार को अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों को मिशन वात्सल्य के तहत संचालित प्रायोजन योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही पात्र बच्चों को योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में बताया गया।
अभियान में बताया गया कि जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे अनाथ एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पात्र बच्चों को प्रायोजन योजना के तहत एक से 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि बच्चे अथवा उसके अभिभावक के बैंक खाते में सीधे भेजी जाती है। आर्थिक सहायता का उपयोग बच्चे के पोषण, विद्यालय की फीस, यूनिफॉर्म, किताब-कॉपी और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में किया जा सकता है।
बताया गया कि योजना का लाभ केवल अनाथ बच्चों तक सीमित नहीं है। एकल अभिभावक के साथ रह रहे तथा विद्यालय में अध्ययनरत पात्र बच्चों को भी योजना से जोड़ा जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निर्धारित आय सीमा का प्रमाण पत्र, विद्यालय से सत्यापित बोनाफाइड प्रमाण पत्र तथा बच्चे और अभिभावक के दो-दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं।
अभियान में ग्रामीणों को पात्र बच्चों की पहचान कर उनके परिवारों को योजना से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित लोगों ने ग्रामीणों से ऐसे बच्चों की जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंचाने और उन्हें सरकारी सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग की अपील की।
इस अवसर पर प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा, डालसा के पैरा लीगल वॉलंटियर अलकमा रूही, समाजसेवी बागुन उर्फ टाइगर होनहागा और सुमन होनहागा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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