विधानसभा परिसर में प्रदर्शन

रांची, 06 अगस्त । झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले एनडीए के विधायकों ने विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग की। हाथों में तख्ती लेकर प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के विधायक ने जेपीएससी मुद्दे पर छात्रों का चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए सीबीआई जांच की मांग की। साथ इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की भी मांग की।

विधानसभा परिसर में जारी इस आंदोलन में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल के अलावा नीरा यादव, उज्जवल दास सहित कई विधायक शामिल थे। इस मौके पर नीरा यादव ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी में जिस तरह से गड़बड़ियां सामने आ रही है और छात्र आंदोलनरत हैं, ऐसे में सरकार सीआईडी से जांच कर इस मामले का लीपापोती करने में जुटी है। इस मामले में सीबीआई से जांच हो और 14 वीं जेपीएससी सिविल सेवा पीटी परीक्षा को रद्द करते हुए मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।

विपक्ष के द्वारा मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगे जाने पर मंत्री सुदिव्य सोनू ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भाजपा के शासनकाल में गड़बड़ियां सामने आई थी, सबसे पहले उन्हें अपने रिश्तेदारों का इस्तीफा दिलाना चाहिए। इस मामले में सीबीआई की चल रही जांच का फलाफल क्या निकला यह सब कोई जानता है। ऐसे में विपक्ष इसपर राजनीति न करे।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार छात्रों की मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर रही है। इस मामले में सरकार ने मंत्रियों को जिम्मेदारी दी है और आंदोलनरत छात्रों से आज वार्ता होने की संभावना है। जल्द ही हमलोग ठोस नतीजे पर निकलेंगे। मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता से काम कर रही है और जांच एजेंसी अपना काम कर रहा है। हम छात्रों के साथ हैं। उनके साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होगा।