कोलकाता, 11 मई ।
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ अब केवल सरकार ही नहीं, बल्कि सत्ता के प्रतीक भी बदलते दिखाई दे रहे हैं। राज्य की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत के बीच प्रशासनिक पहचान माने जाने वाले नवान्न का रंग-रूप भी बदल गया है। जो नवान्न भवन कभी नीले-सफेद रंग और नीली रोशनी में चमकता था, वह अब भगवा रोशनी से जगमगाता नजर आ रहा है।
रविवार रात जैसे ही नवान्न की इमारत भगवा रोशनी में दिखाई दी, उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तेजी से वायरल होने लगीं।
भारतीय जनता पार्टी इस बदलाव को “नए बंगाल” की शुरुआत बता रही है, जबकि विपक्ष इसे सत्ता का शक्ति प्रदर्शन करार दे रहा है। हालांकि इतना तय माना जा रहा है कि बंगाल की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।
तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान नीला-सफेद रंग राज्य प्रशासन की पहचान बन चुका था। सरकारी इमारतों, सड़कों, कार्यालयों और सार्वजनिक भवनों पर यही रंग प्रमुख रूप से दिखाई देता था। लेकिन अब भाजपा सरकार के आने के बाद प्रशासनिक पहचान भी बदलती नजर आ रही है। भाजपा पहले ही संकेत दे चुकी है कि वह बंगाल के प्रशासन को पुराने महाकरण यानी राइटर्स बिल्डिंग से संचालित करना चाहती है। इसी कारण राइटर्स बिल्डिंग को भी भगवा रोशनी से सजाया गया है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि राइटर्स बिल्डिंग बंगाल की प्रशासनिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और पार्टी इस ऐतिहासिक धरोहर को फिर से उसकी पुरानी पहचान दिलाना चाहती है।
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सचिवालय को राइटर्स बिल्डिंग से हटाकर हावड़ा स्थित नवान्न में स्थानांतरित किया था। उस समय इसे “परिवर्तन” की राजनीति का बड़ा प्रतीक माना गया था। अब करीब डेढ़ दशक बाद भाजपा सरकार अपने तरीके से नए परिवर्तन का संदेश देती दिखाई दे रही है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सोमवार को नवान्न में अपनी पहली प्रशासनिक बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बैठक में विभिन्न विभागों के बंटवारे के साथ-साथ कई सरकारी योजनाओं की समीक्षा भी हो सकती है। इसके अलावा चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य के कई इलाकों में हुई हिंसा की घटनाओं को देखते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी बैठक में बुलाया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवान्न का बदला हुआ रंग केवल सजावट नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन का प्रतीकात्मक संदेश है। वहीं विपक्ष का कहना है कि सरकार को रंग बदलने के बजाय राज्य के विकास और रोजगार जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन इन सबके बीच यह साफ है कि बंगाल की राजनीति में बदलाव की नई तस्वीर अब नवान्न और राइटर्स बिल्डिंग की दीवारों पर भी दिखाई देने लगी है।
