धूमधाम से मनाया गया नवाखानी पर्व

खूंटी, 11 अक्टूबर । जिले के मुरहू प्रखंड अंतर्गत घाघरा गांव में रविवार को सराक मांझी समाज का पवित्र नवाखानी पर्व धूमधाम से मनाया गया।

इस अवसर पर गांव के सभी सराक बंधु एकजुट होकर पूजा-पाठ में शामिल हुए। पर्व के माध्यम से लोगों ने नई फसल के स्वागत के साथ अन्नदेवता के प्रति आभार व्यक्त किया तथा आपसी मेल-जोल, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया।

नवाखानी सराक समाज का एक महत्वपूर्ण पारंपरिक त्योहार है। यह पर्व नई फसल के उपयोग से पहले देवी-देवताओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करने की परंपरा से जुड़ा है।

इस अवसर पर गांव के लोगों के साथ सगे-संबंधियों को भी आमंत्रित किया जाता है। सभी लोग स्नान कर स्वच्छता और पवित्रता के साथ पर्व की शुरुआत करते हैं।

परंपरा के अनुसार, देवीगुड़ी, शिव मंदिर और ठाकुरबाड़ी सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर नए चूड़े और गुड़ का प्रसाद अर्पित किया जाता है। घर के हंडीसाल यानी रसोईघर में भी नए चूड़े का प्रसाद चढ़ाकर प्रणाम किया जाता है। समाज में हंडीसाल को अन्नपूर्णा देवी का स्थान माना जाता है। इसके बाद ब्राह्मणों और गुरुजनों को भोजन कराया जाता है। परिवार के सदस्य एक साथ बैठकर चूड़ा, दही, केला, गुड़, दूध और घी ग्रहण करते हैं।

शाम को पर्व के विशेष भोज का आयोजन किया जाता है। इसमें नौ प्रकार की सब्जियों के साथ नए धान के चावल का भात केले के पत्ते पर परोसने की परंपरा है।

भोजन के बाद नए और पुराने चावल को मिलाकर छूना किया जाता है, जिसे समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। अंत में हंडीसाल में प्रणाम कर परिवार के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया जाता है।

नवाखानी पर्व ने घाघरा गांव में पारंपरिक संस्कृति, सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव की भावना को मजबूत किया। यह पर्व नई फसल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश भी देता है।