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पूर्वी सिंहभूम, 22 सितंबर ।

औद्योगिक क्षेत्र में कुशल वेल्डरों की बढ़ती मांग और उच्च गुणवत्ता वाली वेल्डिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता ‘बेस्ट ऑफ द बेस्ट वेल्डर्स-2026’ का मंगलवार को सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) में शुभारंभ हुआ।

प्रतियोगिता का आयोजन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेल्डिंग की जमशेदपुर शाखा की ओर से सीएसआईआर की समेकित कौशल पहल के तहत एनएमएल के सहयोग से किया जा रहा है।

उद्घाटन समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेल्डिंग की जमशेदपुर शाखा के अध्यक्ष डॉ. आनंद प्रभाकरन का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।

इस अवसर पर एनएमएल के वरिष्ठतम वैज्ञानिक ‘जी’ एवं एचआरजी डॉ. एस. शिवप्रसाद ने वेल्डिंग की गुणवत्ता और वेल्डेड उपकरणों एवं संरचनाओं की संवेदनशीलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में मजबूत और गुणवत्तापूर्ण वेल्डिंग के लिए प्रशिक्षित एवं दक्ष वेल्डरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेल्डिंग की जमशेदपुर शाखा के अध्यक्ष डॉ. आनंद प्रभाकरन ने कहा कि उद्योगों में कुशल वेल्डरों की मांग लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में करीब 33 वेल्डर हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें तीन महिला प्रतिभागी भी शामिल हैं। सभी प्रतिभागी दो श्रेणियों में अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

एनएमएल के इंजीनियरिंग प्रभाग के प्रमुख एवं वैज्ञानिक ‘एफ’ डॉ. एम. उदय भास्कर राव ने संस्थान में उपलब्ध आधुनिक वेल्डिंग सुविधाओं की जानकारी दी।

उन्होंने टिग, मिग और रोबोटिक वेल्डिंग जैसी तकनीकों के साथ ही वेल्डिंग के क्षेत्र में रोजगार और कौशल विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।

एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने कहा कि कुशल वेल्डिंग विनिर्माण क्षेत्र, औद्योगिक सुरक्षा और देश के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. संदीप घोष चौधरी और डॉ. आनंद प्रभाकरन को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह का समापन एनएमएल के वैज्ञानिक ‘ई’ डॉ. अतनु दास के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।