
नई दिल्ली, 04 फ़रवरी। चुनाव आयोग 24 फरवरी को यहां भारत मंडपम में राज्य निर्वाचन आयुक्तों (एसईसी) के राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
राष्ट्रीय एसईसी सम्मेलन 25 वर्षों से अधिक के अंतराल के बाद आयोजित किया जा रहा है जिसमें देश के सभी 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयुक्त एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) भाग लेंगे। पिछला ऐसा सम्मेलन वर्ष 1999 में हुआ था।
चुनाव आयोग ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे और उद्घाटन समारोह में राज्य निर्वाचन आयुक्तों को संबोधित करेंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त अपने कानूनी विशेषज्ञों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ भाग लेंगे और अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य अपने-अपने कानूनी ढाँचे के अंतर्गत चुनावी प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं के संबंध में चुनाव आयोग और राज्य निर्वाचन आयोगों (एसईसी) के कामकाज में तालमेल स्थापित करना है। 6. प्रतिभागी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की मतदाता पात्रता संबंधी चुनावी कानूनों, चुनाव आयोग द्वारा शुरू किए गए तकनीकी हस्तक्षेपों जैसे हाल ही में लॉन्च किए गए ईसीआईएनईटी डिजिटल प्लेटफॉर्म और ईवीएम आदि पर चर्चा सत्रों में भाग लेंगे।
चुनाव आयोग भारत के संविधान और देश के कानूनी ढाँचे के अनुसार मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने के अपने अनुभव से विशेषज्ञता भी प्रदान करेगा।
राज्य चुनाव आयोगों का गठन संबंधित राज्यों के कानून द्वारा 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधनों के अधिकार प्रदान करने वाले प्रावधानों के तहत किया गया है। एसईसी को पंचायतों और नगर निकायों के सभी चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण सौंपा गया है।





