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पूर्वी सिंहभूम, 10 अक्टूबर । टाटा स्टील फाउंडेशन को जल प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सीआईआई राष्ट्रीय जल प्रबंधन उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है। फाउंडेशन को ओडिशा के कलिंगानगर में संचालित एकीकृत जलग्रहण प्रबंधन एवं जलवायु परिवर्तन अनुकूलन परियोजना के लिए ‘बियॉन्ड द फेंस’ श्रेणी में विजेता घोषित किया गया। यह सम्मान ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, कृषि विकास और आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में फाउंडेशन के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता है।

शनिवार को टाटा स्टील की ओर से प्रेस विज्ञप्ति मेें दी गई जानकारी के अनुसार कलिंगानगर की यह परियोजना ओडिशा के जाजपुर जिले के दानागड़ी और सुकिंदा प्रखंडों के 12 गांवों तथा नौ ग्राम पंचायतों में संचालित है। ब्राह्मणी नदी बेसिन के जलग्रहण क्षेत्र में फैली इस परियोजना का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 3,270.87 हेक्टेयर है। ग्रामीण समुदायों को वर्षा पर निर्भरता, भूमि क्षरण, कृषि उत्पादकता में कमी और आजीविका की असुरक्षा जैसी समस्याओं से राहत दिलाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य रहा है।

पिछले चार वर्षों में परियोजना के तहत 207 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है, जबकि 427 हेक्टेयर भूमि का उपचार किया गया। इसके साथ ही भूजल स्तर में लगभग एक मीटर का सुधार हुआ है और 143 हेक्टेयर अनुपजाऊ भूमि को दोबारा खेती योग्य बनाया गया है। जल संरक्षण के साथ-साथ टिकाऊ कृषि पद्धतियों, फसल विविधीकरण और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को भी बढ़ावा दिया गया है।

परियोजना के परिणामस्वरूप लाभान्वित परिवारों की औसत वार्षिक आय में आधारभूत स्तर की तुलना में 33.13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे मुख्य रूप से वंचित एवं कमजोर वर्गों के 4,820 लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

पुरस्कार समारोह में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक राजीव कुमार मित्तल तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के संयुक्त सचिव डी. सेंथिल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, नीति निर्माता और क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से मुख्य परिचालन अधिकारी देबदूत मोहंती, कृषि प्रमुख अनंत सिंह और अन्य अधिकारियों ने प्रतिनिधित्व किया।

टाटा स्टील फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौरव रॉय ने बताया कि यह सम्मान कलिंगानगर में जल और आजीविका से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए स्थानीय समुदायों के सामूहिक प्रयासों तथा फाउंडेशन की टीमों की तकनीकी दक्षता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आगे भी जल सुरक्षा को मजबूत करने, ग्रामीण आजीविका को जलवायु परिवर्तन के प्रति सक्षम बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत विकास सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।