रांची, 23 दिसंबर । झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि विगत गहन पुनरीक्षण के दौरान तैयार मतदाता सूची के आधार पर मैपिंग कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए आम लोगों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि बीएलओ एवं निर्वाचन कर्मी अन-मैप्ड मतदाताओं के घर जाकर उनसे संपर्क करें और विगत गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मैपिंग कराने में सहयोग सुनिश्चित करें। वे मंगलवार को पूर्वी सिंहभूम जिले में कम पैतृक मैपिंग वाले मतदान केंद्रों के निरीक्षण के दौरान बीएलओ एवं निर्वाचन से जुड़े पदाधिकारियों के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
जिला दौरे के क्रम में श्री कुमार ने उन मतदान केंद्रों का भौतिक निरीक्षण किया, जहां पैतृक मैपिंग की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाई गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पब्लिक आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से सीधे मतदाताओं से जुड़ें और मैपिंग कार्य में तेजी लाएं।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के सुदृढ़ीकरण के लिए अधिक से अधिक सटीक मैपिंग आवश्यक है, जिससे आगामी मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गहन पुनरीक्षण की सुगमता के लिए सटीक मैपिंग ही एकमात्र प्रभावी विकल्प है।
उन्होंने कहा कि सभी को इस लक्ष्य के साथ कार्य करना चाहिए कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से छूटने न पाए और प्रत्येक मतदाता की पहचान पूरी तरह सत्यापित हो।
इस अवसर पर पूर्वी सिंहभूम जिले के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सहित निर्वाचन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
