मुर्शिदाबाद, 05 अक्टूबर। रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के दौरान मंगलवार को भारी राजनीतिक ड्रामा और हंगामा देखने को मिला। मतदान के दौरान सुबह से ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाने और तीखी बयानबाजी करने वाले ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के प्रमुख हुमायूं कबीर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिसकर्मियों के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी करने के कुछ ही देर बाद रेजीनगर स्थित उनके पार्टी कार्यालय में पुलिस पहुंची और भारी हंगामे के बीच उन्हें कमीज से खींचते हुए वैन में डालकर थाने ले गई।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह मतदान करने जाते समय से ही हुमायूं कबीर पुलिस प्रशासन पर लगातार हमलावर थे। वोट डालने के बाद मतदान केंद्र के बाहर और फिर अपने पार्टी कार्यालय से उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इसी बीच पुलिस बल उनके कार्यालय पहुंच गया, जहां पुलिसकर्मियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक और बहस हुई।
हुमायूं ने पुलिस पर चिल्लाते हुए कहा कि वे किसी की दलाली न करें। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाया और थाने ले गए।
इससे पहले हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया था कि मंगलवार सुबह से ही उनके आवास के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई थी। वोट डालने के बाद उन्होंने बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हर बूथ पर एल्सेशियन छोड़ रखे हैं। उन्होंने आम जनता को पुलिस के खिलाफ भड़काते हुए कानून हाथ में लेने के लिए भी उकसाया था।
हुमायूं ने अपने बयान में कहा कि क्या पुलिस दूध की धुली है? क्या शुभेंदु अधिकारी की पुलिस चुनाव के नाम पर लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार छीन लेगी? हमारे 64 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के बाद भी इन्हें शांति नहीं मिली है। आज सुबह पुलिस जिस तरह का बर्ताव कर रही है, उसे देखते हुए मैं रेजीनगर की जनता से आह्वान करूंगा कि वे इनके खिलाफ डंडा लेकर खड़े हों। उन्होंने सीधे तौर पर पुलिस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर पुलिस उन्हें मारने आएगी, तो वे भी पुलिस को नहीं छोड़ेंगे। उनके इस आक्रामक और भड़काऊ बयान के तुरंत बाद ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने की यह सख्त कार्रवाई की।
