कोलकाता, 13 नवम्बर। भूमिगत चल रहे कामतापुर लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन (केएलओ) के प्रमुख जीवन सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर राजवंशी समुदाय से पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को पराजित करने की अपील की है।
गुरुवार को जारी वीडियो संदेश मीडिया के कुछ वर्गों में प्रसारित हुआ, जिसमें जीवन सिंह ने तृणमूल कांग्रेस के विधायकों और सांसदों से भी अपील की कि वे तत्काल पार्टी से संबंध तोड़कर ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से बाहर करने में अग्रणी भूमिका निभाएं। वीडियो में यह कहते सुना जा सकता है कि राजवंशी लोगों के खिलाफ इस सरकार के लिए काम करना बंद करें और पार्टी छोड़ दें। हालांकि, हिन्दुस्थान समाचार इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
राजवंशी समुदाय का उत्तर बंगाल के कई जिलों की अनेक विधानसभा सीटों पर महत्वपूर्ण प्रभाव है, जहां 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को तृणमूल कांग्रेस की तुलना में बेहतर चुनावी सफलता मिलती रही है।
यह पहली बार नहीं है जब जीवन सिंह ने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ इस तरह का संदेश जारी किया है। 2023 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले भी उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर राजवंशी समुदाय से तृणमूल उम्मीदवारों को वोट न देने की अपील की थी।
केएलओ प्रमुख ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार पृथक कामतापुर राज्य की मांग का विरोध करती रही हैं और सत्तारूढ़ दल के नेता राजवंशी लोगों पर दमन कर इस आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
केएलओ द्वारा प्रस्तावित पृथक कामतापुर राज्य में उत्तर बंगाल के कूचबिहार, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, मालदा, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर जिले के अलावा असम के कोकराझार, बोंगाईगांव, धुबरी और गोलपाड़ा जिले और बिहार का किशनगंज के साथ ही पड़ाेसी देश नेपाल के झापा जिला काे भी शामिल करने का प्रस्ताव है।
दिसम्बर, 1985 में गठित केएलओ ने इस मांग को लेकर अतीत में सशस्त्र आंदोलन भी चलाया था।—–
