
‘स्पंदन’ चयन में अनियमितता का आरोप
रांची, 29 जनवरी। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के प्रशासनिक भवन में बुधवार को विभिन्न छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से तालाबंदी कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध विश्वविद्यालय युवा महोत्सव ‘स्पंदन’ के बाद केंद्रीय युवा महोत्सव के लिए किए गए चयन को लेकर लगाया गया।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय युवा महोत्सव ‘स्पंदन’ का आयोजन 22 से 24 दिसंबर 2025 तक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय परिसर में किया गया था। इस महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक प्रतियोगिताओं के लिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कर भाग लिया था। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया था।
इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को केंद्रीय युवा महोत्सव ‘स्पंदन’ में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया। छात्र संगठनों का आरोप है कि इस चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता और पक्षपात बरता गया।
आरोप लगाया गया कि कई ऐसे लोगों को केंद्रीय महोत्सव के लिए चयनित कर लिया गया, जो न तो विश्वविद्यालय स्तर के ‘स्पंदन’ में शामिल थे और न ही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के नियमित विद्यार्थी हैं। वहीं, योग्य और प्रतिभाशाली आदिवासी विद्यार्थियों को जानबूझकर चयन से बाहर रखा गया।
छात्र संगठनों का कहना है कि चयन में प्रोफेसरों के चहेते छात्रों और कॉलेज के एनएसएस समूह से जुड़े विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी गई। इससे विश्वविद्यालय की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
छात्र संगठनों ने की तालाबंदी, आंदोलन की चेतावनी
इसी भेदभावपूर्ण रवैये के विरोध में आजसू छात्र संघ, आदिवासी छात्र संघ और एनएसयूआई ने संयुक्त रूप से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में तालाबंदी की।
छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन शीघ्र इस मामले पर संज्ञान नहीं लेता है, तो सभी छात्र संगठन मिलकर चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
नेताओं के बयान
आजसू छात्र संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह अन्यायपूर्ण है और इसे अविलंब सुधारा जाना चाहिए।
वहीं, आदिवासी छात्र संघ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय अध्यक्ष विवेक तिर्की ने कहा कि आदिवासी विद्यार्थियों की प्रतिभा को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। आदिवासी छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस तालाबंदी और विरोध प्रदर्शन में दिनेश उरांव, सीमा मुर्मू, सतीश, योगेश, रवि, परसंथ, नीरज सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।








