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रांची, 11 जुलाई । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य का स्वास्थ्य तंत्र भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और लापरवाही का शिकार हो चुका है।

शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में अभय सिंह ने कहा कि राजधानी रांची स्थित राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों तक मरीजों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सरकार के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर आम जनता बदहाल व्यवस्था और आर्थिक शोषण का सामना करने को मजबूर है।

उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था, चिकित्सीय लापरवाही और भ्रष्टाचार की खबरें सामने आ रही हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार, मनमानी और अव्यवस्था का सबसे अधिक खामियाजा गरीब और जरूरतमंद लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि झामुमो सरकार के कार्यकाल में राज्य का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान रिम्स गरीब मरीजों के उपचार का केंद्र बनने के बजाय अवैध वसूली का अड्डा बन गया है। रिम्स के विश्राम गृह में निर्धारित 25 रुपये के शुल्क के स्थान पर कैंटीन संचालक द्वारा लोगों से 240 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि अस्पताल परिसर में नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है और ठेकेदारों तथा संबंधित लोगों की मिलीभगत से मरीजों और उनके परिजनों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है।

अभय सिंह ने कहा कि राजधानी में स्थित रिम्स की स्थिति यदि इतनी खराब है तो राज्य के अन्य जिलों के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की हालत का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने पूर्वी सिंहभूम के पोटका प्रखंड का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां मलेरिया के कारण आठ ग्रामीणों की इलाज के अभाव में मौत हो गई। इसके बाद भी सरकार समय पर सक्रिय नहीं हुई और काफी देर बाद प्रशासन हरकत में आया।

उन्होंने हजारीबाग जिले की एक घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क नहीं होने के कारण एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी, जिसके चलते बिरहोर आदिम जनजाति की एक महिला के शव को ग्रामीणों को खटिया पर रखकर लगभग दो किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ा। यह घटना सरकार के विकास के दावों की वास्तविक तस्वीर पेश करती है और बताती है कि आज भी सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार दोनों गरीब मरीजों की पीड़ा और उनके आर्थिक शोषण के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन हो चुके हैं।

अभय सिंह ने कहा कि राज्य की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर न तो स्वास्थ्य मंत्री कोई प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं और न ही मुख्यमंत्री इस दिशा में गंभीरता दिखा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने मंत्रियों और विधायकों का इलाज राज्य से बाहर के बड़े अस्पतालों में कराती है, जबकि झारखंड की आम जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।

भाजपा प्रवक्ता ने राज्य सरकार से स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार पर तत्काल रोक लगाने, रिम्स सहित सभी सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की मांग की।