स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आईआरएफसी ने डीवीसी के साथ 4,200 करोड़ रुपये का ऋण समझौता किया

नई दिल्ली, 28 सितंबर । इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (आईआरएफसी) ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) के साथ 4,200 करोड़ रुपये के टर्म लोन समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

समझौते के तहत मिलने वाली राशि का इस्तेमाल डीवीसी की फ्लोटिंग सोलर, जमीन पर लगने वाली सौर परियोजनाओं, रूफटॉप सोलर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। इन परियोजनाओं में डीवीसी की मौजूदा जमीन, जलाशयों और ट्रांसमिशन ढांचे का इस्तेमाल किया जाएगा।

नई दिल्ली में हुए समझौते पर डीवीसी की ओर से सदस्य (वित्त) मनीष कुमार और आईआरएफसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार दूबे की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।

दूबे ने कहा कि अक्षय ऊर्जा भारतीय रेलवे के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया है और 2030 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने में इसकी अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि डीवीसी को दिया गया 4,200 करोड़ रुपये का वित्तपोषण स्वच्छ ऊर्जा ढांचे के लिए आईआरएफसी की दीर्घकालिक वित्तपोषण क्षमता के विस्तार को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि डीवीसी के साथ साझेदारी अक्षय ऊर्जा ढांचे के लिए दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराने की आईआरएफसी की क्षमता को मजबूत करेगी। इससे रेलवे की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और स्वच्छ ऊर्जा व्यवस्था विकसित करने में भी मदद मिलेगी।

आईआरएफसी अब रेलवे के पारंपरिक वित्तपोषण के अलावा अक्षय ऊर्जा, बिजली, मेट्रो रेल, लॉजिस्टिक्स और अन्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में भी वित्तपोषण बढ़ा रहा है। डीवीसी के साथ यह समझौता इसी विस्तार का हिस्सा है।