बीरभूम, 16 जुलाई । सरकारी प्रतिबंध के बावजूद अजय नदी से कथित अवैध बालू खनन और परिवहन जारी रहने के आरोपों के बीच पश्चिम बंगाल के कृषि मंत्री एवं मयूरेश्वर के विधायक दूधकुमार मंडल गुरुवार को स्वयं कार्रवाई के लिए सड़क पर उतर आए। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बीरभूम की राज्य राजमार्ग-11 पर कई बालू लदे ट्रकों को रोक दिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अजय नदी से लंबे समय से अवैध रूप से बालू निकाला जा रहा है। इस संबंध में कई बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। प्रशासन ने मानसून के दौरान संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए 15 जुलाई से बालू खनन पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद कथित रूप से अवैध परिवहन जारी रहने की शिकायतें सामने आईं।
इन्हीं शिकायतों के बाद गुरुवार को मंत्री दूधकुमार मंडल स्वयं स्थानीय लोगों के साथ सड़क पर पहुंचे और कई संदिग्ध बालू लदे वाहनों की जांच कराई। आरोप है कि एक डंपर को रोककर मयूरेश्वर थाना पुलिस के हवाले भी किया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, डंपर मालिक के खिलाफ कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई ट्रक निर्धारित सीमा से अधिक बालू लेकर चल रहे थे। कुछ वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं थी, जबकि कई नंबर प्लेटों के अंक जानबूझकर धुंधले कर दिए गए थे। कुछ वाहनों के पास वैध दस्तावेज और बालू परिवहन की रसीद भी नहीं थी।
स्थानीय निवासी सव्यसाची मंडल ने दावा किया कि अभियान के दौरान 10 से 15 बालू लदे वाहनों को रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई की सूचना पाकर कई अन्य वाहन अपना मार्ग बदलकर वहां से निकल गए।
घटना के बाद क्षेत्र में अवैध बालू खनन और परिवहन को लेकर प्रशासन की कार्रवाई तथा निगरानी पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
