खड़गपुर, 30 जनवरी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर (आईआईटी खड़गपुर) ने वैरिएबल एनर्जी साइक्लोट्रॉन सेंटर (वीईसीसी) और चित्तरंजन नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट (सीएनसीआई) के साथ नाभिकीय चिकित्सा तथा मेडिकल फिजिक्स में एम.एससी. कार्यक्रमों के शुभारंभ को लेकर शुक्रवार को एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता तीनों राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के बीच शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
एमओयू पर आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती, सीएनसीआई के निदेशक डॉ. जयंत चक्रवर्ती तथा वीईसीसी के निदेशक डॉ. सुमित सोम ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस त्रिपक्षीय सहयोग का मुख्य उद्देश्य नाभिकीय चिकित्सा और मेडिकल फिजिक्स जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन तैयार करना है, जो कैंसर के निदान, उपचार और उन्नत नैदानिक अनुसंधान में अहम भूमिका निभाएंगे। इन एम.एससी. कार्यक्रमों का संचालन आईआईटी खड़गपुर, सीएनसीआई और वीईसीसी द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। कार्यक्रमों में प्रवेश संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेएएम) के माध्यम से होगा।
आईआईटी खड़गपुर के स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एसएमएसटी) के अंतर्गत ये कार्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026–27 से आरंभ किए जाएंगे। संस्थान ने इस एमओयू के समन्वय और क्रियान्वयन में योगदान के लिए एसएमएसटी के अध्यक्ष प्रो. महितोष मंडल और सहायक प्राध्यापक डॉ. गोराचंद दत्ता के प्रयासों की सराहना की है।
हस्ताक्षर समारोह में प्रो. सौमेन दास, डीन, बी. सी. रॉय मल्टी-स्पेशियलिटी मेडिकल रिसर्च सेंटर, प्रो. रामकृष्ण सेन, डीन, फैकल्टी ऑफ बायोसाइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी; एसएमएसटी और बी. सी. रॉय मल्टी-स्पेशियलिटी मेडिकल रिसर्च सेंटर के संकाय सदस्य, साथ ही सीएनसीआई और वीईसीसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
यह समझौता आईआईटी खड़गपुर की चिकित्सा शिक्षा, उन्नत नैदानिक अनुसंधान और प्रौद्योगिकी-सक्षम स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत करने की दीर्घकालिक दृष्टि को और मजबूत करता है। एमओयू के तहत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में डे-केयर कीमोथेरेपी, उन्नत रेडियोलॉजी सेवाओं तथा एआई-सक्षम कैंसर तकनीकों जैसी आधुनिक सुविधाओं के विकास की भी परिकल्पना की गई है।
