सिलीगुड़ी, 03 सितंबर । सिलीगुड़ी के अस्पताल मोड़ स्थित बीएसएनएल के करीब 91 मीटर ऊंचे टावर पर बुधवार को एक युवक के चढ़ जाने से पूरे शहर में हड़कंप मच गया था। युवक की पहचान बादशाह के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, युवक करीब साढ़े सात घंटे तक टावर पर मौजूद रहा, जिसके बाद देर रात करीब साढ़े 11 बजे राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), सिविल डिफेंस, पुलिस और एक प्रशिक्षित पर्वतारोही के संयुक्त अभियान में उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब साढ़े तीन बजे टावर के ऊपर युवक को देखकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। देखते ही देखते अस्पताल मोड़ से भूटिया मार्केट की ओर जाने वाली सड़क पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाने और रील तैयार करने में जुट गए, जिसके कारण पुलिस को यातायात भी डायवर्ट करना पड़ा। युवक को नीचे उतारना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया। पुलिस और दमकलकर्मियों के पास इतनी ऊंचाई पर चढ़ने का विशेष प्रशिक्षण नहीं होने के कारण एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस और पर्वतारोही की मदद ली गई। ड्रोन के जरिए भी युवक की स्थिति पर नजर रखी गई और लगातार माइक से उसे नीचे आने के लिए समझाया गया।
बताया गया कि युवक नीचे आने को तैयार नहीं था। उसे मनाने के लिए टावर के ऊपर मिठाई, चॉकलेट और चिकन बिरयानी तक पहुंचाई गई। बाद में युवक ने कथित तौर पर पोस्ता के साथ कद्दू की सब्जी और हेलीकॉप्टर से नीचे उतारने की मांग भी रखी। आखिरकार लंबी मशक्कत के बाद उसे स्ट्रेचर से बांधकर सुरक्षित नीचे लाया गया।
एसीपी (ईस्ट) रॉबिन थापा के अनुसार, युवक मानसिक तनाव या किसी अन्य मानसिक समस्या से जूझ रहा हो सकता है। उसे इलाज के लिए उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल भेजा गया है। इस घटना के बाद बीएसएनएल टावर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि टावर के एक हिस्से में सीढ़ियां हैं और वहां कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था, जिससे युवक के बिना किसी की नजर में आए ऊपर पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
