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कोलकाता, 04 अगस्त। पश्चिम बंगाल के विरोधी दल नेता ऋतब्रत चक्रवर्ती ने सोमवार रात अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स अभिषेक बनर्जी को लेकर एक संदेश साझा किया। जिसमें उल्लेख किया गया है कि कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए तत्काल विदेश यात्रा की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने फैसले का स्वागत किया और अभिषेक बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए।

ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि उन्हें लगता है कि विदेश में आंखों का इलाज केवल एक बहाना है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को एसएसकेएम अस्पताल के मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होने का निर्देश दिया था। यदि मेडिकल बोर्ड विदेश में इलाज की जरूरत महसूस करता, तो उन्हें अनुमति मिल सकती थी। लेकिन इसके बजाय उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सुप्रीम कोर्ट से विदेश जाने की अनुमति मिल जाती तो अभिषेक बनर्जी देश छोड़ सकते थे।ऋतब्रत ने दावा किया कि सांसदों को मिलने वाले डिप्लोमैटिक पासपोर्ट में अतिरिक्त सुविधाएं होती हैं और यदि किसी ऐसे देश में, जहां भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि नहीं है, डिप्लोमैटिक पासपोर्ट सरेंडर कर राजनीतिक शरण (असाइलम) मांगी जाए तो भारत वापस लाना मुश्किल हो सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं एसएसकेएम अस्पताल को राज्य का सर्वश्रेष्ठ अस्पताल बताती रही हैं। ऐसे में यदि वहां विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड उपलब्ध है तो विदेश जाने की आवश्यकता पर सवाल उठता है। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि उनकी राय में जनता को भी यही आशंका है कि डिप्लोमैटिक पासपोर्ट का इस्तेमाल कर विदेश में रहने की कोशिश की जा सकती थी।

हालांकि, अभिषेक बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और विपक्ष के नेता के ये बयान राजनीतिक आरोप के रूप में सामने आए हैं।

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