पीएमएलए कोर्ट के डिस्चार्ज पिटीशन खारिज करने के आदेश के खिलाफ दायर की क्रिमिनल रिवीजन याचिका
रांची, 31 अगस्त ।झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए की विशेष अदालत के आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने सोमवार को विशेष अदालत के उस आदेश के खिलाफ क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर की, जिसमें उनकी डिस्चार्ज पिटीशन खारिज कर दी गई थी।
रांची स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत ने गत 8 जून को मुख्यमंत्री सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज की थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया है। मामला ईसीआईआर/06/2023 से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रांची के बरियातू क्षेत्र में 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और हस्तांतरण को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है।
ईडी के आरोपों को दी चुनौती
ईडी का आरोप है कि बड़गाईं अंचल की उक्त जमीन को फर्जीवाड़े के जरिए हेमंत सोरेन के पक्ष में हस्तांतरित किया गया। वहीं, हाईकोर्ट में दायर याचिका में सोरेन की ओर से कहा गया है कि विवादित जमीन पर उनका कोई प्रत्यक्ष मालिकाना हक नहीं है। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि ईडी के पास उनके खिलाफ पर्याप्त प्राथमिक साक्ष्य मौजूद नहीं हैं।
याचिका में कहा गया है कि पीएमएलए की विशेष अदालत ने तथ्यों पर समुचित विचार किए बिना डिस्चार्ज पिटीशन खारिज कर दी। इसे याचिका में न्यायसंगत नहीं बताया गया है।
आदेश रद्द करने की मांग
मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट से पीएमएलए कोर्ट के आदेश को रद्द करने और मामले में उन्हें आपराधिक कार्रवाई से मुक्त करने की मांग की है। जमीन मामले में ईडी ने पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को गिरफ्तार भी किया था। बाद में उन्हें जमानत मिली और उन्होंने दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
अब डिस्चार्ज पिटीशन खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में दायर इस याचिका पर सुनवाई की तारीख तय होने का इंतजार है।
