पूर्वी सिंहभूम, 28 सितंबर । टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) के वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और सीनियर कंसल्टेंट, डॉ. तपन कुमार ने रविवार को हृदय रोगों की रोकथाम, समय पर पहचान और अत्याधुनिक उपचार तकनीकों के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि हृदय रोग केवल वृद्धावस्था की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि 30 से 40 वर्ष की उम्र के युवा भी अचानक हृदयाघात, हृदय विफलता और अतालता जैसी गंभीर स्थितियों से जूझ रहे हैं।
डॉ. कुमार के अनुसार दक्षिण एशियाई जनसंख्या में अन्य क्षेत्रों की तुलना में दिल की बीमारियां लगभग दस साल पहले विकसित हो जाती हैं। इसके मुख्य कारणों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अस्वास्थ्यकर आहार, शारीरिक निष्क्रियता, तनाव और आनुवंशिक प्रवृत्तियां शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में शुरुआती जांच और इंटरवेंशनल सुविधाओं की कमी इस समस्या को और बढ़ा रही है।
उन्होंने सलाह दी कि दक्षिण एशियाई उच्च जोखिम समूह के लोगों को 30 वर्ष की आयु से पहले ही हृदय स्वास्थ्य की नियमित जांच शुरू कर देनी चाहिए। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने कहा कि नियमित शारीरिक गतिविधियों का अभ्यास, पौष्टिक व संतुलित आहार जिसमें फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हों, धूम्रपान और अत्यधिक शराब से बचना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही मानसिक तनाव पर नियंत्रण और पर्याप्त नींद भी अच्छे हृदय स्वास्थ्य के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
डॉ. कुमार ने चेतावनी दी कि छाती में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, धड़कन का अनियमित होना और अचानक अत्यधिक पसीना जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य तकनीकें, जैसे रिमोट मॉनिटरिंग, पहनने योग्य उपकरण और एआई आधारित ईसीजी विश्लेषण, रोग की समय रहते पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि टीएमएच की कार्डियक कैथ लैब ने पिछले दस वर्षों में 20,000 से अधिक हृदय संबंधी प्रक्रियाएं की हैं। पहले जटिल मामलों में मरीजों को अन्य शहरों में इलाज के लिए जाना पड़ता था, लेकिन अब जमशेदपुर में ही इंट्रावेस्कुलर इमेजिंग, रोटेशनल एथेरेक्टोमी, इंट्रावेस्कुलर लिथोट्रिप्सी और बिफर्केशन स्टेंटिंग जैसी अत्याधुनिक उपचार तकनीकें उपलब्ध हैं।
डॉ. कुमार के अनुसार सही जीवनशैली, समय पर जांच और आधुनिक चिकित्सा विकल्पों के उपयोग से हृदय रोग की बढ़ती महामारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब मरीजों को अपने ही शहर में विश्वस्तरीय और न्यूनतम आक्रामक हृदय उपचार की सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे बेहतर स्वास्थ्य परिणाम और जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित हो रही है।
