fs

पश्चिमी सिंहभूम, 12 अगस्त । अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर महिला कॉलेज, चाईबासा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की ओर से बुधवार को स्वास्थ्य जागरूकता सत्र और निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में छात्राओं को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के महत्व की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि और नेशनल ट्रेनर डॉ जगन्नाथ हेम्ब्रम ने कहा कि स्वस्थ रहने का अर्थ केवल बीमारियों से मुक्त रहना नहीं है, बल्कि व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ होना भी जरूरी है। उन्होंने छात्राओं से अपनी दैनिक जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील की।

डॉ जगन्नाथ हेम्ब्रम ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि पढ़ाई, पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य कारणों से उत्पन्न तनाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर अपनी परेशानियों को साझा करना, पर्याप्त नींद लेना, संतुलित आहार लेना और नियमित शारीरिक गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करना मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम में सदर अस्पताल के उपाध्यक्ष डॉ शिवचरण हांसदा ने भी छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए दैनिक दिनचर्या में सुधार आवश्यक है। उन्होंने कम उम्र में विवाह से उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और नशे की लत के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति छात्राओं को सचेत किया।

इससे पूर्व महाविद्यालय परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। शिविर में महाविद्यालय के प्राध्यापकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की गई।

कार्यक्रम में डॉ सुचिता बाड़ा, डॉ ललिता सुंडी, सोनमई सुंडी, सितेंद्र रंजन सिंह, मदन मोहन मिश्रा सहित अन्य प्राध्यापक और छात्राएं मौजूद थीं।