नई दिल्ली, 06 नवंबर । भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देशभर में चार लेन और उससे अधिक के राष्ट्रीय राजमार्गों पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) आधारित बिना बैरियर टोल वसूली व्यवस्था लागू करने के लिए टोल प्लाजा के डिजाइन और बुनियादी ढांचे को मानकीकृत करने संबंधी दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके तहत नए और निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में ऐसी व्यवस्था के अनुकूल बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे वाहनों को टोल बूथ पर रुके बिना टोल चुकाने की सुविधा मिलेगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार और प्रतीक्षा समय खत्म करना, ईंधन की खपत कम करना तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाना है। दिशानिर्देशों में टोल प्लाजा का लेआउट, लेन की संख्या और व्यवस्था, गैन्ट्री, सड़क संबंधी बुनियादी ढांचे, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक और अन्य सुविधाओं के लिए एक समान मानक तय किए गए हैं।
एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों की अलग-अलग संरचनाओं के अनुरूप बिना बैरियर वाले टोल प्लाजा के डिजाइन और बुनियादी ढांचे के मानक निर्धारित किए हैं। इनमें टोल प्लाजा का विन्यास, टोल वसूली वाली लेन की संख्या, गैन्ट्री की स्थिति और सड़क सुरक्षा से जुड़े उपाय शामिल हैं। वाहनों को बिना भौतिक बैरियर पर रोके टोल वसूली होने के कारण पारंपरिक टोल प्लाजा की तुलना में आवश्यक लेन की संख्या को भी तर्कसंगत बनाया गया है। इससे उपलब्ध जगह का बेहतर उपयोग और यातायात का सुचारु संचालन संभव होगा।
ये दिशानिर्देश सभी नई और निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर लागू होंगे। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के चरण में मौजूद परियोजनाओं में नए डिजाइन को शामिल किया जाएगा। वहीं, पहले ही आवंटित हो चुकी या निर्माणाधीन परियोजनाओं में लागू संविदात्मक प्रावधानों के माध्यम से इन बदलावों को अपनाया जाएगा। एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालयों को नई परियोजनाओं में निर्धारित मानकों को शामिल करने और मौजूदा परियोजनाओं में इन्हें लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दिशानिर्देशों में टोल प्लाजा पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को पहले से जानकारी देने वाले संकेतक और इलेक्ट्रॉनिक परिवर्तनीय संदेश संकेतक (वीएमएस) लगाने पर भी जोर दिया गया है। इनका उद्देश्य टोल क्षेत्र में दृश्यता बढ़ाना, वाहन चालकों को जरूरी जानकारी देना और वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। इसके अलावा टोल प्लाजा के संचालन और रखरखाव के लिए प्रशासनिक भवन-सह-संचालन एवं रखरखाव केंद्र बनाने का भी प्रावधान किया गया है।
उल्लेखनीय है कि एनएचएआई ने इससे पहले एक्सप्रेसवे से अलग, उच्च गति वाले नियंत्रित प्रवेश राष्ट्रीय राजमार्गों की योजना और डिजाइन के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए थे। उनका उद्देश्य आगामी उच्चगति वाले राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने में तकनीकी मानकों में एकरूपता लाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना था।
