कोलकाता, 29 अक्टूबर। गड्डी के ऊपर और नीचे एक-एक असली 500 रुपये का नोट और बीच में बिल्कुल उसी आकार में काटे गए सफेद कागज! बाहर से एक नामी निजी बैंक का फर्जी लेबल चिपकाकर 20 लाख रुपये की ठगी की साजिश रचने वाले एक गिरोह का बुधवार रात पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बड़ाबाजार इलाके से दो युवकों को रंगे हाथों पकड़ा गया। बाद में उनसे पूछताछ के आधार पर हावड़ा से इस गिरोह के दो अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 27 अक्टूबर को बड़ाबाजार थाने की पुलिस को सूचना मिली थी कि स्ट्रैंड रोड और मीरबहर घाट स्ट्रीट के चौराहे पर दो संदिग्ध व्यक्ति जाली नोटों के बंडल लेकर घूम रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल अभियान चलाकर विजयपाल तंवर उर्फ अरविंद (23) और शिवा थापा (24) नामक दो युवकों को हिरासत में लिया। विजयपाल के बैकपैक की तलाशी लेने पर उसके अंदर से नोटों के चार बंडल बरामद हुए। हर बंडल पर एक निजी बैंक का फर्जी लेबल लगा हुआ था, जिस पर ‘पांच लाख रुपये’ लिखा हुआ था। यानी कुल मिलाकर चार बंडलों में 20 लाख रुपये होने का दावा किया गया था। लेकिन जब पुलिस ने बंडल खोले तो ठगी का असली तरीका सामने आ गया।
पुलिस ने देखा कि प्रत्येक बंडल में सबसे ऊपर और सबसे नीचे असली 500 रुपये का नोट रखा गया था, जबकि बीच में नोट के ही आकार में काटे गए सफेद कागज के 998 टुकड़े रखे गए थे। चारों बंडलों को मिलाकर असल में सिर्फ चार हजार रुपये (500 रुपये के कुल आठ नोट) की असली रकम बरामद हुई। पुलिस ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए वीडियोग्राफी कराकर उन बंडलों को जब्त और सील कर दिया और आरोपितों को जब्ती सूची (सीजर लिस्ट) की प्रति सौंप दी। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया।
इस घटना को लेकर 27 अक्टूबर को बड़ाबाजार थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(3), 340(2), 112, 61(2) और 3(5) के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश (केस नंबर 171/2026) का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में पकड़े गए दोनों युवकों से कड़ाई से पूछताछ करने पर जांचकर्ताओं को इस गिरोह के दो अन्य आकाओं का सुराग मिला। उनके बयानों के आधार पर हावड़ा में छापेमारी कर सुनील कुमार वर्मा (47) और गोपाल गुर्जर (24) को भी बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से एक प्रिंटर, पेपर-रिम कटर, दो बॉक्स व्हाइट बॉन्ड पेपर सहित फर्जी बंडल बनाने के कई उपकरण बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांचकर्ता कर रही है।
