कोलकाता, 02 अप्रैल । भारतीय जनता पार्टी के नेता और बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह को कलकत्ता हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है।  बुधवार को कोर्ट ने उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई या गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

अर्जुन सिंह एक गोलीकांड मामले में कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। बैरकपुर एसीजेएम कोर्ट ने मंगलवार को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके खिलाफ उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में अपील दायर की है।

इस मामले में न्यायधीश जॉय सेनगुप्ता की पीठ ने कहा कि उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकती।

अर्जुन सिंह ने सोमवार को कहा था कि उन्होंने पहले ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल, 26-27 मार्च की रात को उनके आवास पर कथित रूप से कुछ अज्ञात लोगों ने हमला किया था, जिसमें एक व्यक्ति सद्दाम हुसैन घायल हो गया था।

इसके बाद से पुलिस ने अर्जुन सिंह को कई बार समन भेजा है। जगद्दल थाने के प्रभारी अधिकारी भी उनसे पूछताछ के लिए उनके घर पहुंचे थे। पुलिस इस गोलीकांड में घायल सद्दाम हुसैन की गंभीर हालत को लेकर अर्जुन सिंह से पूछताछ करना चाहती है।

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने अर्जुन सिंह का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस और राज्य पुलिस उन्हें जानबूझकर राजनीतिक रूप से निशाना बना रही है।

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि अर्जुन सिंह इलाके में काफी सक्रिय हैं, इसलिए तृणमूल कांग्रेस लगातार उन्हें निशाना बना रही है।

अर्जुन सिंह ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर बैरकपुर से जीत हासिल की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों में टिकट न मिलने पर वह फिर भाजपा में लौट आए।

साल 2022 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस में वापसी की थी, लेकिन 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने फिर से भाजपा का दामन थाम लिया।