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मेदिनीपुर, 02 सितंबर। राज्यव्यापी खाद्य सुरक्षा सप्ताह के पहले ही दिन मंगलवार को देर शाम तक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दीघा और जगन्नाथ मंदिर परिसर के आसपास जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। घटिया और अस्वास्थ्यकर भोजन परोसने के आरोप में दीघा के 12 होटल-रेस्तरां को कानूनी नोटिस जारी किया गया है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूर्व मेदिनीपुर के जिलाधिकारी निरंजन कुमार, कांथी के एसडीएम प्रतीक अशोक धुमाल, उपभोक्ता संरक्षण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में तटीय शहर के 20 होटल-रेस्तरां में अचानक जांच की गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई रेस्तरां में कई दिन पुराना बासी मुर्गा और मछली परोसी जा रही थी। बासी खाने की बदबू छुपाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर ‘फूड सेंट’ का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा बिरयानी में खाने वाले रंग के बजाय सेहत के लिए हानिकारक केमिकल युक्त रंगों की मिलावट पाई गई।

मंगलवार देर शाम नंदीग्राम स्वास्थ्य जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी विश्वजीत मान्ना ने बताया कि दीघा के 20 होटल-रेस्तरां में छापेमारी कर 15 स्थानों से भोजन के नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। बड़ी लापरवाही पाए जाने पर 12 होटलों को कारण बताओ (कानूनी) नोटिस थमाया गया है। आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

गौरतलब है कि इसी दिन एगरा शहर में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई रेस्तरां, बेखौफ बेकरियों और गोदामों में छापेमारी की। वहां से भारी मात्रा में एक्सपायरी डेट के बिस्कुट, चॉकलेट और नमकीन (चनाचूर) जब्त किए गए तथा दो रेस्तरां और एक नमकीन फैक्ट्री को नोटिस जारी किया गया।