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कोलकाता, 29 अक्टूबर।

इस बार विश्व प्रसिद्ध गंगसागर मेले का दायरा और भी बड़ा होने जा रहा है। बढ़ती लोकप्रियता और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के अनुमान को देखते हुए राज्य सरकार ने मेले के क्षेत्रफल में लगभग छह लाख वर्ग फुट की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नबान्न (राज्य सचिवालय) सूत्रों के अनुसार, अब तक यह मेला लगभग 12 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में आयोजित होता था, लेकिन इस वर्ष इसका विस्तार कर इसे 18 लाख वर्ग फुट तक फैलाया जा रहा है।

मेला परिसर का दायरा बढ़ने से न केवल भीड़ को नियंत्रित करना आसान होगा, बल्कि श्रद्धालुओं की आवाजाही और उनके ठहरने के लिए अतिरिक्त ठिकाने, बस स्टैंड, हेलिपैड और नए यात्री निवास (रैन बसेरे) का भी निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही, मुड़ीगंगा नदी पर प्रस्तावित पुल निर्माण कार्य में भी राज्य सरकार ने काफी प्रगति की है।

इस पवित्र तीर्थ को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर राज्य सरकार ने एक बार फिर से आवाज बुलंद की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गंगसागर को रेल और सड़क संपर्क के दायरे में लाने के लिए पहले ही केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से अपील की है।

प्रशासनिक स्तर पर इस मेले को जल्द से जल्द राष्ट्रीय मान्यता दिलाने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के लोक निर्माण मंत्री अजय पोद्दार ने इस संबंध में बताया, “केंद्र सरकार के साथ कई दौर की चर्चा हो चुकी है। हम आशान्वित हैं कि इसी साल हमें यह मान्यता मिल जाएगी।”

उल्लेखनीय है कि मुड़ीगंगा नदी पर पुल के निर्माण के साथ-साथ, गंगसागर मेले को देश के प्रमुख धार्मिक मेलों में से एक के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है। इसी उद्देश्य से मेले में आधुनिक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं का भी निरंतर विस्तार किया जा रहा है।