पूर्वी सिंहभूम, 16 जून । झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत रोहिणी बेड़ा, बड़ा झरनागीह, भाटिन और तिलाईटांड़ की संयुक्त ग्राम सभाओं ने मंगलवार को ग्राम सभा के अधिकारों और पेसा अधिनियम के अनुपालन की मांग को लेकर जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की पुत्री दुखनी सोरेन ने किया। करीब 300 ग्रामीण पारंपरिक तीर-धनुष और सांस्कृतिक प्रतीकों के साथ उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान दुखनी सोरेन ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया और वाहन के बोनट पर चढ़कर भी प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि बड़ा झरनागीह स्थित मां रंकिनी मंदिर परिसर में चल रहे सौंदर्याकरण, पर्यटन विकास और निर्माण कार्य ग्राम सभा की अनुमति के बिना किए जा रहे हैं, जो पेसा अधिनियम और ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
संयुक्त ग्राम सभाओं का कहना है कि इस मामले में पहले भी कई बार प्रशासन को आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक न तो निष्पक्ष जांच कराई गई और न ही परियोजनाओं से जुड़ी स्वीकृति, कार्यादेश और वित्तीय प्रावधानों की जानकारी सार्वजनिक की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे क्षेत्र में असंतोष और अविश्वास का माहौल बन रहा है।
ग्राम सभा प्रतिनिधियों ने प्रशासन से 10 दिनों के भीतर विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने, पेसा अधिनियम का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने और विवादित कार्यों की वैधानिकता की समीक्षा करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक जन आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस ज्ञापन पर चारों ग्राम सभाओं के प्रतिनिधियों और पारंपरिक ग्राम प्रधानों के हस्ताक्षर हैं।
