दुलाल भुइयां

पूर्वी सिंहभूम, 29 अगस्त ।पूर्व मंत्री, झारखंड आंदोलनकारी और भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दुलाल भुइयां  शनिवार को डुमरी विधायक जयराम महतो के समर्थन में  खुलकर सामने आए। उन्होंने जयराम महतो से जुड़े मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए और पुलिस से संयम तथा संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपील की।

दुलाल भुइयां ने अपने बयान में कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस और जनता के बीच व्यवहार सम्मानजनक एवं मर्यादित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य दायित्व जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। ऐसे में पुलिसकर्मियों को अपने आचरण में भी मर्यादा और संयम बनाए रखना चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा कि जयराम महतो  जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे हैं। ऐसे मामलों में किसी प्रकार की कार्रवाई या सार्वजनिक बयान देने से पहले घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि से जुड़े मामले को केवल राजनीतिक या प्रशासनिक नजरिये से देखने के बजाय पूरे घटनाक्रम की निष्पक्षता से समीक्षा की जानी चाहिए।

दुलाल भुइयां ने झारखंड पुलिस एसोसिएशन की ओर से की गई कथित बयानबाजी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि किसी मामले में जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है। उन्होंने पुलिस एसोसिएशन से सवाल किया कि क्या वह यह गारंटी लेने को तैयार है कि भविष्य में झारखंड पुलिस का कोई जवान या अधिकारी आम जनता के साथ गाली-गलौज अथवा अभद्र व्यवहार नहीं करेगा।

दुलाल भुइयां ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस संबंध में पुलिस एसोसिएशन की ओर से कोई लिखित आश्वासन या पत्र जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत होना जरूरी है। जनता के सहयोग के बिना कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से बनाए रखना संभव नहीं है।

झारखंड आंदोलन के दौर को याद करते हुए दुलाल भुइयां भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि अलग झारखंड राज्य के आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों को पुलिस की कथित ज्यादतियों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में कई आंदोलनकारियों के साथ मारपीट की गई और उन्हें अपमानजनक शब्दों का सामना करना पड़ा।

दुलाल भुइयां ने कहा कि झारखंड आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों ने जिस संघर्ष और यातना को झेला, उसे भुलाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने और अपनी बात रखने का अधिकार प्रत्येक नागरिक को है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को विरोध और जन आंदोलनों से जुड़े मामलों में संयम एवं संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए।

दुलाल भुइयां ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि अथवा आम नागरिक के खिलाफ कार्रवाई करते समय निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। पुलिस अधिकारियों और जवानों को यह समझना होगा कि जनता के सहयोग के बिना कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से कायम रखना कठिन है।

उन्होंने जयराम महतो के समर्थन में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने वाले लोगों की बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने पूरे मामले का समाधान लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।