कोलकाता, 03 अक्टूबर। साहित्यकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने मंगलवार शाम शब्दाक्षर संस्था मुख्यालय, कोलकाता से प्रकाशित होने वाली ‘शब्दाक्षर पत्रिका’ के जुलाई–सितंबर 2025 त्रैमासिक अंक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर देशभर के 25 राज्यों से जुड़े संस्था के अनेक साहित्यधर्मी पदाधिकारियों ने सहभागिता की।
पत्रिका के प्रधान संपादक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह ने आभासी मंच को संबोधित करते हुए बताया कि ‘शब्दाक्षर पत्रिका’ पिछले पाँच वर्षों से निरंतर प्रकाशित हो रही है और इसका प्रसार पूरे भारत में है।
संपादक धनंजय जयपुरी ने कहा कि पत्रिका का हर अंक संग्रहणीय होता है यह भविष्य की पीढ़ियों के लिए साहित्यिक मार्गदर्शन करेगा। सह संपादक कृष्णपाल सिंह ने सदस्यों को गुणवत्तापूर्ण रचनाएँ भेजने हेतु आभार जताया और बताया कि पत्रिका नियमित रूप से डाक द्वारा सभी सदस्यों तक पहुँचती है।
उपसंपादक एवं राष्ट्रीय साहित्य मंत्री अनामिका सिंह ने प्रूफ की त्रुटिहीनता के लिए संयुक्त संपादक शशिकांत मिश्र ‘शशि’ की सक्रियता की सराहना की। प्रबंध संपादक लखन ‘शब्दाक्षरी’ ने पत्रिका के ग़ज़ल पक्ष पर विचार रखे, जबकि प्रारूप संपादक राजकुमार महोबिया ने छंद पक्ष पर अपनी बात रखी।
लोकार्पण वक्तव्य में डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने प्रसन्नता व्यक्त की कि यह लगातार 19वाँ अंक है, जो प्रारंभ से ही निर्बाध प्रकाशित हो रहा है। उन्होंने सम्पादक मंडल को सलाह दी कि प्रकाशन की निरंतरता और स्तर बनाए रखने के साथ-साथ युवा रचनाकारों को भी स्थान दिया जाए, ताकि भविष्य के उत्कृष्ट साहित्यकार तैयार हों।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंबिका मोदी ‘ऊर्जिता’ (प्रदेश अर्थ मंत्री, दिल्ली) ने किया और धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह ने प्रस्तुत किया।
लोकार्पण के बाद दूसरा सत्र काव्य गोष्ठी के रूप में हुआ, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय प्रचार मंत्री धनंजय जयपुरी ने की। इस सत्र में जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के पदाधिकारी एवं कवि-साहित्यकारों ने भाग लिया।
तकनीकी सहयोग राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी निशांत सिंह ‘गुलशन’ ने प्रदान किया।
