झारखंड के मुख्यमंत्री ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती पर किया नमन

रांची, 11 जनवरी । झारखंड आंदोलन के जननायक, आदिवासी समाज के स्वाभिमान के प्रतीक और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती रविवार को पूरे राज्य में श्रद्धा, सम्मान और सेवा भाव के साथ मनाई गई। राजधानी रांची से लेकर खूंटी, चाईबासा और अन्य जिलों में विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर उनके संघर्ष, विचार और योगदान को याद किया गया।

मुख्यमंत्री ने अर्पित की श्रद्धांजलि

रांची के मोरहाबादी स्थित गुरुजी के पूर्व आवास पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी माता रूपी सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन एवं परिवार के अन्य सदस्यों के साथ दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्री हफीजुल हसन, सुदिव्य कुमार, राज्यसभा सांसद जोबा मांझी, झामुमो के वरिष्ठ नेता विनोद पांडे, सुप्रियो भट्टाचार्य सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने गुरुजी के संघर्षपूर्ण जीवन को स्मरण करते हुए झारखंड के समग्र विकास के उनके सपने को साकार करने का संकल्प लिया।

खूंटी में कंबल वितरण, सेवा को बताया सच्ची श्रद्धांजलि

खूंटी जिले के तोरपा विधानसभा क्षेत्र में विधायक सुदीप गुड़िया की ओर से दिशोम गुरु की जयंती पर कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। फटका पंचायत के विभिन्न गांवों में जरूरतमंद बुजुर्गों, महिलाओं और गरीब परिवारों के बीच कंबल वितरित किए गए।

विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पूरा जीवन आदिवासी, गरीब और वंचित समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष को समर्पित रहा। उनकी जयंती सेवा कार्यों के माध्यम से मनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने सादगी से मनाई जयंती

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, रांची जिला के तत्वावधान में मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका में जयंती सादगी के साथ मनाई गई। आंदोलनकारियों ने गुरुजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और स्मृति स्वरूप वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया।

मुख्य अतिथि पुष्कर महतो ने शिबू सोरेन को सर्वोच्च राजकीय सम्मान दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि उनकी जयंती को राजकीय सम्मान के बिना मनाना झारखंड आंदोलन और आंदोलनकारियों का अपमान है। इस अवसर पर आंदोलनकारियों ने उनके जीवन और संघर्ष पर आधारित वृत्तचित्र, फीचर फिल्म और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल करने की भी मांग रखी।

चाईबासा में झामुमो जिला समिति ने किया नमन

पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में झामुमो जिला समिति की ओर से मंत्री दीपक बिरुआ के आवासीय कार्यालय परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती मनाई गई। जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा कि बाबा शिबू सोरेन का संघर्ष, विचार और आदर्श सदियों तक जनमानस को प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने झारखंड राज्य निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया।

 

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक

कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के संघर्ष, त्याग और स्वाभिमान के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि गुरुजी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज का निर्माण संभव है।

अस्पताल में फल वितरण

खूंटी के तोरपा रेफरल अस्पताल में झामुमो कार्यकर्ताओं ने मरीजों के बीच फल और ब्रेड का वितरण किया। झामुमो जिला अध्यक्ष जुबैर अहमद ने कहा कि शिबू सोरेन ने हमेशा गरीबों और वंचितों के हितों के लिए काम किया और पार्टी आज भी उनके बताए मार्ग पर चल रही है।